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पोस्टमार्टम के समय भी हो सकेगा नेत्रदान

पोस्टमार्टम हाउस में भी नेत्रदान कर किसी की जिंगदी रोशन की जा सकेगी।  इसके अंतर्गत आने वाले शवों की आंखे दान करने के लिए परिजनों को प्रेरित किया जाएगा। सेक्टर-94 स्थित यहां के एकमात्र पोस्टमार्टम हाउस में पहली बार ऐसी शुरुआत की जा रही है।

ऐसे शव जिनकी आंखें निकाली जा सकती हैं, परिजनों की अनुमति के बाद ले ली जाएंगी। नेत्रहीनों की रोशनी वापस लाने के लिए शुरू किए जा रहे इस कार्य के लिए आईकेयर अस्पताल को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की ओर से अनुमति मिल गई है।  

आई केयर अस्पताल के आई बैंक अधिकारी जगदीश शर्मा ने कहा कि जिले की 0.5 प्रतिशत जनता नेत्रहीन है। नेत्रहीनता को समाप्त करने के लिए दिल्ली के अस्पतालों में जाकर शवगृह में पोस्टमार्टम में आने वाले शवों की आंखों को दान करने के लिए पिछले कई वर्षो से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। कई वर्षो की कोशिशों के बाद भी अनुमित नहीं मिल पाने की वजह से यहां के पीएम हाउस में ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था।

जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजरानी कंसल की ओर से अब अनुमति मिल गई है। 15 दिनों के भीतर एक परामर्शदाता नियुक्ति किया जाएगा जो शवगृह में जाकर परिजनों को मृतक की आंखें दान करने के लिए जागरुक करेगा।

लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल, आईकेयर अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस में बोर्ड भी लगाया जाएगा।

कैसे करें आवेदनः आई बैंक से फार्म लेकर नेत्रदान फार्म लेकर भरें। जिला अस्पताल और आई केयर अस्पताल में इसके लिए फार्म उपलब्ध हैं। आप गूगल पर जाकर आईकेयर, सेक्टर-24, नोएडा टाइप करें। आईकेयर की वेबसाइट पर भी आपको नेत्रदान के लिए फार्म मिल जाएगा, जिसे आप डाउनलोड कर भर सकते हैं।

 

 

 

 

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