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आरएसएस के पक्ष में खुलकर उतरे मंत्री

भाजपा नेता और पीएचईडी मंत्री अश्विनी कुमार चौबे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पक्ष में खुलकर उतर आये हैं। श्री चौबे ने कहा है कि बिहार किसी की बपौती नहीं है।  बिहार में संघ के कार्यक्रम को रोकने की किसी की न कभी हिम्मत हुई है और न होगी। संघ पर बोलने वाले नेता पहले अपने गिरेबां में झांकें। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के 15 साल के शासन में संघ ने दर्जन से ज्यादा बड़े कार्यक्रम बिहार में किये। उस समय संघ के कार्यक्रमों को रोकने की उनकी हिम्मत नहीं हुई। अब बड़बोलापन दिखाते हुए हवा में बयान दे रहे हैं।


चौबे ने कहा कि संघ सांस्कृतिक राष्ट्रवादी संगठन है। उसे कहीं भी कार्यक्रम करने का मौलिक अधिकार है। लालू-राबड़ी शासन काल में पटना के गांधी मैदान में तीन बड़े कार्यक्रम हुए। मुजफ्फरपुर में तो वर्ष 2007 के अप्रैल में विराट हिन्दू संगम हुआ। पटना के गांधी मैदान में फरवरी 1995 में संघ के तत्कालीन सरसंघचालक रज्जू भैया और अप्रैल 1997 एवं अप्रैल 1998  में सर कार्यवाह शेषाद्री ने स्वयंसेवकों का निर्देशन किया। मार्च 2001 में पटना में संघ के वरीय सुरेश राव केतकर के निर्देशन में पटना में पथ संचलन (रूट मार्च) हुआ। नवम्बर 2004 में मिलर हाई स्कूल में तत्कालीन सरसंघचालक  सुदर्शनजी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। यही नहीं 1992 में लखीसराय में रज्जू भैया का और दुमका में सुदर्शनजी का कार्यक्रम हुआ। वर्ष 1998 में रोसड़ा में, 1995-96 में देवघर में और 1999 में छपरा में संघ ने कार्यक्रम किये। उस समय धर्मनिरपेक्षता का नकाब ओढ़ने वाले नेता कहां दुबके हुए थे।

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