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अब टूटा विंटर डायरिया का कहर

स्वाइन फ्लू का प्रकोप अभी थमा नहीं था कि विंटर डायरिया मुसीबत बनकर टूट पड़ा है। गाजियाबाद में अब तक पचास से अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

हालत खराब होने के चलते सात लोगों को तो जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इनमें तीन बच्चे शामिल हैं। अब तक करीब 40 से अधिक मरीजों को जिला अस्पताल से दवा दी जा चुकी है।

जिला अस्पताल के डा. प्रमोद कुमार के मुताबिक सर्दियों में उल्टी व दस्त गर्मी के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होते हैं। इन दिनों इसका प्रमुख कारण ठंड होता है। शरीर के भीतर का तापमान कम होने से उल्टी व दस्त की शिकायत हो जाती है। इन दिनों सर्दी के कारण लोग कई दिनों तक रखा खाना तक खा लेते हैं। इसके कारण भी फूड पोयजनिंग हो जाती है व उल्टी व दस्त की शिकायत हो जाती है।

जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में 40 से अधिक लोगों को ठंड लगने के कारण उल्टी व दस्त की शिकायत पर दवा दी जा चुकी है। जिला अस्पताल की एमरजेंसी से सात लोगों को इस बीमारी के कारण भर्ती किया जा चुका है।

विंटर डायरिया के लक्षणः एमडी मेडिसन डा. प्रहलाद चावला के मुताबिक, सर्दी में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा बनी रहती है। ऐसे में ठंड लगने से शरीर के भीतर प्रतिरोधक क्षमता वाले वायरस बिल्कुल शांत हो जाते हैं। इस स्थिति में सबसे पहले पेट दर्द होता है। उसके बाद उल्टी की शिकायत होती है। ठंड से बचाव न होने पर दस्त शुरू हो जाते हैं। यदि ठंड का इंतजाम नहीं किया गया तो यह स्थिति काफी गंभीर हो सकती है।

इन दिनों प्राइवेट अस्पतालों में भी इस प्रकार के मरीज आ रहे हैं। संख्या में भले ही मरीज गर्मी में होने वाले डायरिया से काफी कम हो लेकिन स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है। छोटे बच्चे व बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं।

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