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परंपरागत तरीके से मनाया गया मोर्हरम

गाजियाबाद में मोर्हरम का त्यौहार पारंपरागत तरीके से मनाया गया। इस दौरान अकीदतमंदो ने मातम करते हुए ताजियों के जुलूस निकाले। कुछ जगह रात तक जुलूस निकाले गए। मोहर्रम के मौके पर लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की याद में शहर, ट्रांस हिंडन और साहिबाबाद में कई जगह जुलूस निकाले व मातम किए।

शहर में दोपहर से शुरू हुआ जलूस विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए देर शाम करबला पहुंचकर खत्म। जलूस में अखाड़ों में शामिल अकीदतमंदों ने मातमी कार्यक्रम पेश किए। जस्सीपुरा, चमन कालोनी, इस्लाम नगर, सिहानी गेट, शहीद नगर खोड़ा, तकिया सहित कई स्थानों से ताजिए निकाले गए। शहीद नगर विकास मोर्चा के अध्यक्ष डा. नसीरुद्दीन इदरीशी ने बताया कि शहीद नगर में तीन जगह से अखाड़े निकलते हैं। वहीं देर शाम सिहानी गेट मार्किट में मुर्हरम कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अखाड़ों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान सिहानी गेट व्यापार मंडल के सदस्यों ने शॉल व माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। स्वागत करने वालों में आत्मप्रकाश छाबड़ा, किशन कुमार गुप्ता, अनुराग गर्ग, यशकुमार संजय कुमार, सुनील कुमार, अमित अग्रवाल आदि कई लोग शामिल रहे।

वहीं हापुड़ में भी मोहर्रम परंपरागत रूप से मनाया गया। ताजियों के जुलूस निकाले गए। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष हसन अली रिजवी ने बताया कि जुलूस किला कोना से शुरू होकर कोटला सादात पर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल ताजिए मंगलवार को कर्बला में दफनाए जाएंगे। किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए प्रशासन ने नगर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

 

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