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वीजा नीति पर मतभेद

ट्विटर पर चटर-पटर करने की आदत से मजबूर विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने सरकार को फिर सांसत में डाल दिया है। पिछली बार उन्होंने सादगी पर चल रही बहस के दौरान हवाई यात्रा के इकॉनमी क्लास को मवेशी श्रेणी बताकर सरकार के अभियान की भद्द की थी तो इस बार नई वीजा नीति पर सवाल खड़ा कर उन्होंने ऐसा किया है। उनके इस सवाल से गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के मतभेद सतह पर आ गए हैं। इससे लगता है कि जहां गृह मंत्रालय देश की सुरक्षा के बारे में हर तरह की चौकसी बरतना चाहता है, वहीं विदेश मंत्रालय उसे गैर जरूरी मानते हुए उसका मखौल उड़ा रहा है।

गृह मंत्रालय ने हेडली और राणा की गिरफ्तारी के बाद उजागर हुए तथ्यों के मद्देनजर चार नवंबर से वीजा नियमों को सख्त बनाते हुए आदेश जारी किया है कि जिन लोगों के पास भारत में बार-बार प्रवेश का वीजा है, उनके दो आगमन के बीच कम से कम दो महीने का अंतराल होना चाहिए। चूंकि हेडली ने भारत का बार-बार दौरा कर मुंबई पर आतंकी हमले की योजना बनाने में मदद की थी और इस दौरान हमारी सुरक्षा एजंसियां उसकी गतिविधियों की निगरानी नहीं कर सकी थीं, इसलिए इस तरह के नियम के माध्यम से एक एहतियात बरतने का प्रयास किया गया है।

हमारे गृहमंत्री पीसी चिदंबरम सुरक्षा उपायों की लगातार समीक्षा करने में लगे रहते हैं और उसमें नए तथ्यों के आलोक में बदलाव भी करते रहते हैं। यही वजह है कि 26 नवंबर को हुए आतंकी हमले के बाद कोई और हमला नहीं हो सका बल्कि कई हमले विफल किए गए। लेकिन वीजा नीति में सख्ती लाकर सुरक्षा की गारंटी देने वाली गृह मंत्रालय की यह नीति शशि थरूर को इसलिए नागवार गुजरी है क्योंकि इससे उन्हें व्यक्तिगत स्वतंत्रता बाधित होती लगती है। सैद्धांतिक तौर पर उनकी बात अपील भी करती है क्योंकि लोकतंत्र का सारा प्रयास स्वतंत्रता को लगातार मजबूत करते रहना होता है।

उनका यह कहना भी उचित लगता है कि भारत की यात्रा करना कठिन बना दिए जाने से यहां आने वाले पर्यटकों को परेशानी उठानी होगी, वे भारत से कटने लगेंगे और आखिरकार हमारा लाखों डालर का नुकसान भी होगा। उनकी यह दुविधा ईमानदार भी हो सकती है फिर भूमंडलीकरण का सैद्धांतिक उद्देश्य तो वीजा और पासपोर्ट खत्म करने का ही होना चाहिए। लेकिन एक विदेश मंत्री के तौर पर उनके लिए ऐसी बहस करना व्यावहारिक नहीं है। ज्यादा अच्छा हो वे ऐसी बहस छेड़ने के बजाय हेडली और राणा जैसे अपराधियों के प्रत्यर्पण के लिए काम करें।

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