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फार्महाउसों की कारस्तानी से एमसीडी सकते में

राजधानी के फार्महाउसों में मिलीभगत से शादी समारोह किए जाने का खुलासा हुआ है। जितने समारोह होते हैं उसके काफी काम बुकिंग दिखाकर एमसीडी को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। एमसीडी इस खुलासे के बाद सक ते में हैं और अब सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। बुकिंग के बिना समारोह आयोजित करने वाले फॉर्महाउस को सील करने की तैयारी है। दोषी अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के संकेत हैं।


नियमों के तहत 60 फुट से चौड़ी सड़क पर स्थित ऐसे फार्म हाउस में शादी हो सकती है जो ढाई एकड़ से ज्यादा हो और जिनमें पार्किग का प्रबंध भी हो। समझा जाता है कि ऐसे फार्म हाउस करीब 1000 से 1500 के बीच हैं। ज्यादातर फार्महाउस नरेला व दक्षिण जोन में हैं। फार्महाउस में एक कार्यक्रम करने पर एमसीडी को दस हजार रुपये शुल्क का भुगतान करना होता है। अनुमान के मुताबिक करीब 100-125 दिन शादियां व समारोह साल में होते हैं यानी दो सौ शादी का रोज का औसत निकाला जाए तो निगम को सात करोड़ रुपये मिलने चाहिए लेकिन निगम को मिले हैं करीब 90 लाख रुपये। साफ है कि बुकिंग कम दिखाई गई है और बाकी की रकम मिलीभगत से खा ली गई है।


सदन के नेता सुभाष आर्य ने माना कि मौजूदा बुकिंग राशि से मिलीभगत का अंदेशा है जिसकी जांच कराई जा रही है और दोषी अफसर व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे तथा जिन फार्महाउस में समारोह हुए हैं व बुकिंग राशि नहीं जमा कराई गई है उनके सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। ऐसे फार्महाउस सील किए जाएंगे। किसी कीमत पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब फार्महाउसों का डाटा तैयार किया जा रहा है तथा छापामार दल गठित किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में चूना न लगाया जा सके।
-बुकिंग राशि वसूल हुई है 90 लाख रुपये
-मिलने चाहिए थे एमसीडी को सात करोड़ रुपये
-बुकिंग के बिना समारोह करने वाले फार्महाउस हो सकते हैं सील

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  • Web Title:फार्महाउसों की कारस्तानी से एमसीडी सकते में