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आखिर स्टूडेंट कैसे दें एग्जाम

छात्र मुश्किल में हैं। सूबे के हजारों के सामने एक ही विकल्प है, वे या तो कर्नाटक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल हों या झारखंड इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में। झारखंड इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा 1मई को है, जबकि कर्नाटक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 17 मई को। इस कारण हजारों छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। दोनों परीक्षाओं के बीच एक दिन का अंतर है। कनार्टक से 1मई को झारखंड पहुंचकर परीक्षा देना संभव नहीं है। यदि कोई छात्र कर्नाटक इंजीनियरिंग की परीक्षा देगा तो झारखंड इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा से वंचित हो जाएगा। अधिकांश छात्रों ने दोनों परीक्षाओं के फार्म भर हैं।ड्ढr ड्ढr एआईईईई और आईआईटी की प्रवेश परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र झारखंड इंजीनियरिंग व कर्नाटक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। खासकर जिन छात्रों की आईआईटी व एआईईईई में सफलता की उम्मीद कम है, वे इन परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं। दोनों परीक्षाओं का परिणाम जून में घोषित होगा। कर्नाटक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में हर वर्ष बिहार के बीस हजार से ज्यादा छात्र शामिल होते हैं। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए पटना से 13 मई तथा बरौनी से 14 मई को दो स्पेशल ट्रनें चलाई गई हैं। अन्य राज्यों की अपेक्षा छात्र कर्नाटक इंजीनियरिंग में नामांकन लेना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि यहां से डिग्री लेने के बाद छात्रों को आसानी से अच्छी कंपनियों में नौकरी मिल जाती है। बिहार के जो भी छात्र इंजीनियरिंग में दाखिला लेते हैं उनमें 0 फीसदी से अधिक छात्र बंगलुरु में ही नौकरी करते हैं।ड्ढr ड्ढr साइंस कॉलेज के शिक्षक शंकर कुमार का कहना है कि परीक्षा में सवाल के ट्रंड पिछले साल की तरह ही होंगे। झारखंड इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में प्रारंभिक व मुख्य दोनों परीक्षाएं होती हैं। प्रारंभिक परीक्षा 150 अंकों का होगा, जिसमें छात्रों को एक ही पेपर की परीक्षा देनी होगी और इसमें भौतिकी, रसायनशास्त्र व गणित के 50-50 सवाल होंगे। मुख्य परीक्षा भी 150 अंकों के होंगे। प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा दोनों में वस्तुनिष्ठ सवाल होंगे। कर्नाटक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 180 अंकों के सवाल होंगे। भौतिकी, रसायनशास्त्र व जीवविज्ञान में 60-60 सवाल होंगे। झारखंड इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है, लेकिन कर्नाटक इंजीनियरिंग में नहीं। झारखंड में आवासीय नीति के कारण बिहार के बहुत कम ही छात्र इस प्रवेश परीक्षा में शामिल हो पाते हैं। झारखंड इंजीनियरिंग में कुल 180 सीटें हैं।

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