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गणतंत्र दिवस में दिल्ली की झांकी नहीं

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर इस बार भी दिल्ली की झांकी नहीं दिखेगी। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब दिल्ली सरकार झांकी प्रदर्शन में अपने लिए जगह नहीं बना सकी। सूत्रों की मानें तो संबंधित विभागों के अधिकारियों की आपसी खींचतान के कारण दिल्ली के लोग ‘अपनी’ झांकी से महरूम रहेंगे।

हर वर्ष 26 जनवरी को राजपथ पर विभिन्न राज्यों, सेना व केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की ओर से झांकी निकाली जाती है। यह झांकी जहां राज्य के बढ़ते कदम को दर्शाती है, वहीं संस्कृति, उत्सव आदि को बयां करती है। झांकी की तैयारी कई महीने पूर्व शुरू हो जाती है। इसके लिए झांकी के थीम को तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाता है, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद झांकी तैयार की जाती है।

राजधानी में गणतंत्र दिवस की तैयारी शुरू हो गई है। इंडिया गेट पर बैरिकेट लगने शुरू हो गए हैं। सभी राज्य झांकी तैयार करने में जुटे हुए हैं, लेकिन दिल्ली सरकार में ऐसा कुछ नहीं हो रहा। लोग अपने राज्य की झांकी देख कर खुश होते हैं। राज्य की प्रतिष्ठा और संपदा से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं, लेकिन दिल्लीवासी एक बार फिर ठगा हुआ महसूस करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय ने ‘पंडित नेहरू, दिल्ली के उत्सव और दिल्ली: एक शहर में भारत’ विषय पर तीन थीम तैयार किया था। इन तीन थीम के लिए निदेशालय की ओर से जुलाई महीने में टेंडर भी निकाला गया था, लेकिन आपसी खींचतान की वजह से अंतिम समय में थीम को परिवर्तित करने का फैसला लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार के उच्चधिकारियों की राय पर कॉमनवेल्थ गेम्स को थीम बनाया गया, जिसे केंद्र से अस्वीकृत कर दिया गया। हालांकि विभागीय अधिकारी अस्वीकृत की बात को काटते हुए योजना रद्द करने की बात कहते हैं। उनका कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स पर केंद्र सरकार की ओर से झांकी निकाली जा रही है, लिहाजा दिल्ली सरकार ने योजना को रद्द कर दिया। मामला जो भी हो, लेकिन इस बार फिर दिल्ली की छवि धूमिलहो रही है।

 

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