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राष्ट्रमंडल खेलों में भागीदारी पर फैसला अगले साल: बोल्ट

राष्ट्रमंडल खेलों में भागीदारी पर फैसला अगले साल: बोल्ट

दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भागीदारी से इंकार नहीं किया है लेकिन उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला उनके कोच अगले साल लेंगे।

बोल्ट ने विशेष इंटरव्यू में कहा कि मेरे कोच ग्लेन मिल्स राष्ट्रमंडल खेलों में मेरी भागीदारी के बारे में अगले सत्र में फैसला लेंगे। यह इस पर निर्भर करेगा कि मेरी ट्रेनिंग और रेसिंग कैसी चल रही है।

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति और भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने हाल में पोर्ट आफ स्पेन में राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की बैठक के इतर स्पोटर्स ब्रेकफास्ट में कहा था कि ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप में तीन-तीन स्वर्ण जीतने वाले बोल्ट तीन से 13 अक्टूबर तक भारत की मेजबानी में पहली बार होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र होंगे लेकिन अब बोल्ट ने खुद चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि भागीदारी पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

बीजिंग ओलंपिक में 100, 200 और चार गुणा 100 मीटर रिले में विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण और फिर बर्लिन विश्व चैम्पियनशिप की 100 और 200 मीटर स्पर्धा में अपने ही रिकार्ड के सुधार के साथ चार गुणा 100 मीटर रिले में भी सोने का तमगा जीतने वाले बोल्ट ने हालांकि स्वीकार किया कि 2010 में उनकी प्राथमिकता आईएएएफ डायमंड लीग है।

अपनी तेजी के लिए लाइटनिंग बोल्ट के नाम से मशहूर जमैका के इस धावक ने कहा कि 2010 में मैं आईएएएफ डायमंड लीग को लक्ष्य बनाउंगा जबकि 2011 में मेरा मुख्य लक्ष्य कोरिया में होने वाली आईएएएफ विश्व ट्रैक एंड फील्ड चैम्पियनशिप है।
बोल्ट ने कहा कि मैं अभी 2010 आईएएएफ डायमंड लीग की तैयारी कर रहा हूं जिसका आयोजन अगले साल मई से अगस्त तक दुनिया के अलग अलग देशों में होगा। वर्ष 2008 में अपनी उपलब्धियों के लिए 2009 का प्रतिष्ठत लारेस वल्र्ड स्पोटर्स मैन आफ द ईयर पुरस्कार जीतने वाले इस 23 वर्षीय धावक का मानना है कि इंसान के दौड़ने की गति की कोई सीमा नहीं है।

सौ मीटर फर्राटा दौड़ मात्र 9.58 सेकेंड में पूरी करने वाले बोल्ट ने कहा कि मैं अपने लिए कोई सीमा तय नहीं करता। जब मैंने 9.7 सेकेंड में दौड़ पूरी की तो लोगों ने 9.6 सेकेंड की बात की। जब मैंने 9.6 सेकेंड के रेस पूरी की तो 9.5 सेकेंड की बात होने लगी। अब किसे पता क्या होता है।

बोल्ट ने कहा कि दुनिया का सबसे तेज धावक होने से उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है लेकिन वह हमेशा अव्वल आने के लिए दौड़ते हैं, रिकार्ड के लिए नहीं। जमैका के इस फर्राटा धावक ने कहा कि दुनिया का सबसे तेज धावक होना काफी प्रेरणादायी है लेकिन मैं समय का पीछा नहीं करता। मैं जीतने के लिए दौड़ता हूं।

बोल्ट से पहले 100 मीटर फर्राटा में विश्व रिकार्ड धारक और उनके साथ चार गुणा 100 मीटर का ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप का स्वर्ण जीतने वाले असाफा पावेल ने हाल में कहा था कि वह जमैका के अपने इस साथी धावक को पछाड़ सकते हैं लेकिन इस दिग्गज ने कहा कि फिलहाल उनके रिकार्ड को कोई खतरा नहीं है।

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