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दो टूक (सोमवार, 28 दिसंबर 2009)

उपचार से बेहतर है बचाव। मेडिकल साइंस की यह सूक्ति हर क्षेत्र के लिए मौजू है। इंदौर से दिल्ली तक एक दशक से अधिक समय बीत गया। शायद बीसीसीआई की समझ में यह नहीं आया। कोटला की नई पिच बनी। जब इस पिच पर आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया से मैच हुए थे, तो गेंदें नीची रहने की शिकायत थी। सो, इस बात का ध्यान रखा गया कि गेंदें उठें। लेकिन क्या यह जरूरी नहीं था कि सीधे अंतरराष्ट्रीय मैच कराने से पहले दो-चार प्रैक्टिस मैच कराते और देखते कि पिच ठीक बनी भी है या नहीं। तब कोई कमी सामने आती तो ठीक करने का समय होता। अब इस्तीफे की झड़ी लग गई है, लेकिन जो किरकिरी हुई उसकी भरपाई हो सकती है क्या?

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