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अस्पताल की जमीन का आवंटन हो सकता है रद्द

दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारका में प्रस्तावित अस्पताल की जमीन का आवंटन रद्द कर सकता है। इस अस्पताल का निर्माण पांच साल के भीतर किया जाना था, लेकिन समयावधि बीतने के बावजूद अभी तक वहां एक भी ईंट नहीं लगी है। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद ही डीडीए की नींद खुली है।

डीडीए ने जून 2004 में सेक्टर दस में एक अस्पताल बनाने के लिए मुथोट ग्रुप को जमीन आवंटित की गई थी। जमीन इस शर्त पर दी गई थी कि प्रबंधन पांच साल के भीतर यहां अस्पताल बना कर चालू कर देगा, लेकिन देखते ही देखते जब पांच साल से अधिक समय बीत गया तो स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत डीडीए अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

आखिरकार द्वारका फोरम ने सूचना का अधिकार कानून का सहारा लेते हुए डीडीए से जवाब मांगा तो डीडीए ने जवाब देने से पहले वहां अपने कर्मचारियों से इस जमीन का निरीक्षण कराया और पाया कि वहां जमीन खाली पड़ी है। अब डीडीए ने जवाब दिया कि अस्पताल अथॉरिटी को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा कि उसने तय समय के भीतर निर्माण कार्य क्यों नहीं कराया। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद अस्पताल की जमीन का आबंटन रद्द करने संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों का कहना है कि 21वीं सदी की सबसिटी के रूप में प्रचारित द्वारका में अस्पतालों की खासी कमी है। द्वारका फोरम के सदस्य एम.के. गुप्ता के मुताबिक सेक्टर नौ में एक सरकारी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का भी शिलान्यास किया गया था, लेकिन उसका काम भी बंद पड़ा है, जबकि सेक्टर दस में निजी अस्पताल के लिए दी गई जमीन का इस्तेमाल समारोहों के लिए किया जाता है। शक यह भी है कि यह जमीन कहीं बेच न दी गई हो, इसलिए फोरम ने इसका विरोध किया है।

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