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आखिर कौन चला रहा था ऑडी कार

शुक्रवार को ऑडी-आई-10 के बीच हुई टक्कर के दो दिन बाद भी सवाल बना हुआ है कि ऑडी का ड्राइवर कौन था। मौका ए वारदात पर मर्चेट नेवी में कार्यरत चीफ इंजीनियर की मौत के लिए जिम्मेवार तेज रफ्तार कार में कौन बैठा था, इस बारे में प्रत्यक्षदर्शियों का भी अलग-अलग कहना है।

परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कार चलाने वाला कोई किशोर था, लेकिन पुलिस उसे बचाने के लिए दूसरे को सामने ला रही है। घटना के गवाहों को भी छुपाया जा रहा है ताकि इस दुर्घटना को मनमुताबिक मोड़ दिया जा सके। उधर, ऑडी शोरूम प्रबंधन ने भी इस मामले में लापरवाही बरतते हुए सीसीटीवी कैमरे में टेस्ट ड्राइव पर जाने वाले के फुटेज नहीं लिए। एक के बाद एक घटना के साक्ष्यों को गौण किए जाने की कोशिशें अभी भी जारी है।

दुर्घटनास्थल पर मौजूद संजय ने बताया कि उसने तेज आवाज सुनते ही उधर देखा। आई-10 तीन बार निर्वाणा रोड की क्रॉसिंग पर पलटी। उसने बताया कि एक्सिडेंट के बाद ऑडी से उतरने वाले ने कार तो रोकी, लेकिन इससे बाहर निकालने या घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए जहमत उठाना शायद जरूरी नहीं समझा। उसने बताया कि टक्कर के बाद इतनी अफरा तफरी हो गई थी कि ऑडी चलाने वालों को ध्यान से नहीं देख पाया, लेकिन इतना जरुर याद है कि उसकी उम्र ज्यादा नहीं थी।

जख्मी कमल की बहन शिल्पी बताती है कि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार को कोई किशोर चला रहा था। उन्होंने कहा कि अगर कार संजीव मित्तल ड्राइव कर रहे थे, तो मौके से भागे क्यों? फिर अगले दिन, खुद को पुलिस के सामने क्यों पेश किया?

पुलिस ने इस मामले से जुड़े गवाहों को बातचीत से करने से हमेशा बचाने की कोशिश की, लेकिन शिकायतकर्ता वकील ने भी इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। इस बारे में ज्वायंट पुलिस कमिश्नर से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल बंद मिला। 

मामला चाहे कुछ भी हो, आरोपी चालक संजीव मित्तल ने अगले दिन अपने आप को पुलिस के सामने पेश किया और उसे जमानत लेने में सफलता भी मिल गई। जिसने मामले को और भी तूल दे दिया है।
  

 

 

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