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स्पेस शटल

स्पेस शटल डिस्कवरी के बारे में आपने सुना होगा। यह अंतरिक्ष यान कई वैज्ञानिकों के साथ इंटरनेशनल स्पेस सेंटर की मरम्मत करने और अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में गया था। स्पेस शटल पुन: इस्तेमाल हो सकने वाला एयरक्राफ्ट होता है। इसमें सवार होकर ही वैज्ञानिक अंतरिक्ष में पहुंचते हैं। इसमें कंप्यूटर डाटा एकत्र करने और संचार के तमाम यंत्र लगे होते हैं। अंतरिक्ष यात्रियों के खाने-पीने और यहां तक कि मनोरंजन के साजो-सामान और एक्सरसाइज के उपकरण भी लगे होते हैं। स्पेस शटल को स्पेस क्राफ्ट भी कहा जाता है।
कैसे भेजते हैं: इसे एक रॉकेट के साथ जोड़कर अंतरिक्ष में भेजा जाता है। मगर यह सामान्य विमानों की तरह धरती पर लौट आता है। इसे अंतरिक्ष मिशन के लिए कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है। शुरुआती एयरक्राफ्ट एक बार ही इस्तेमाल हो पाया करते थे। स्पेसक्राफ्ट के ऊपर विशेष प्रकार की तापरोधी चादर होती है। यह चादर पृथ्वी की कक्षा में उसे घर्षण से पैदा होने वाली ऊर्जा से बचाती है। इसलिए इस चादर को बचाकर रखा जाता है। अगर यह चादर न हो या किसी कारणवश टूट जाए, तो पूरा यान मिनटों में जलकर खाक हो जाता है।
संचालन: चांद पर कदम रखने वाले अभियान के अलावा, ग्रहों की जानकारी एकत्र करने के लिए जितने भी स्पेसक्राफ्ट भेजे जाते है, वह रोबोट क्राफ्ट होते है। कंप्यूटर और रोबोट के जरिए धरती से इनका ऑटोमेटिक संचालन होता है। चूंकि इन्हें धरती पर वापस लाना कठिन होता है, इसलिए इनका संचालन ऑटोमेटिक रखा जाता है।

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