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अधकचरे ज्ञान वाले ज्योतिषियों की घुसपैठ पर चिंता

सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष विज्ञान में आयोजित सम्मेलन में फर्जी और अधकचरे ज्ञान वाले ज्योतिषियों के घुसपैठ पर गहरी चिंता जतायी गई। विभिन्न ज्योतिषियों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। समापन सत्र में आम राय से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि अयोग्य लोग ज्योतिष विद्या को बेच रहे हैं। विज्ञापनों के माध्यम से भ्रांतिपूर्ण घोषणाएं की जा रही हैं, जनता का भयादोहन किया जा रहा है। इससे ज्योतिष शास्त्र के प्रति अनास्था और अविश्वास बढ़ रहा है। प्रस्ताव में सरकार से अनुरोध किया गया है कि ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाय और उनके उपाधियों की जांच हो।


दूसरे प्रस्ताव में 2012 में महाप्रलय को तर्कहीन और अवैज्ञानिक बताया गया। एक अन्य प्रस्ताव में मांग की गई कि सभी परंपरागत संस्कृत विश्वविद्यालयों के साथ ही आधुनिक विश्वविद्यालयों में भी महान खगोलशास्त्री व गणितज्ञ आर्यभट्ट के ग्रन्थ का अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान होना चाहिए। एक प्रस्ताव में सुझाव दिया गया कि सफल दांपत्य जीवन के लिए जन्मकुंडली का मेलापक (मिलान) अवश्य करना चाहिए। पुरूष अथवा स्त्री की जन्म कुंडली में अशुभ सूचक सूर्य, मंगल, शनि एवं राहु दापंत्य जीवन को दुखमय बनाते हैं। अत: सावधानीपूर्वक योग्य विद्वानों से परामर्श कर शांतिकर्म करा लेना चाहिए।

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  • Web Title:अधकचरे ज्ञान वाले ज्योतिषियों की घुसपैठ पर चिंता