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बिहार: नक्सली कम मरे, पुलिसकर्मी ज्यादा शहीद

बिहार पुलिस को वर्ष 2009 में नक्सलियों के साथ दो-दो हाथ करना महंगा पड़ा और नक्सली-पुलिस मुठभेड़ की विभिन्न घटनाओं में इस वर्ष नक्सलियों को ढेर करने से ज्यादा पुलिसकर्मी शहीद हुए।

25 पुलिसकर्मी शहीद, सिर्फ तीन नक्सली ढेर
राज्य पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की 16 घटनाएं हुईं जिसमें 25 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि इन मुठभेड़ों में मात्र तीन नक्सली ही मारे जा सके। प्रदेश में वर्ष 2009 के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई 110 हिंसात्मक घटनाओं में कुल 26 नागरिक भी मारे गए।

वर्ष 2008 में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की 26 घटनाएं हुई थीं जिनमें 21 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि इन मुठभेड़ों में 31 नक्सली भी मारे गए थे। प्रदेश में वर्ष 2008 के दौरान नक्सलियों द्वारा की गई 79 हिंसक घटनाओं में कुल 43 नागरिक भी मारे गए थे।

नक्सलियों ने बिहार के विभिन्न थानों और पुलिस गश्ती दलों पर हमला कर वर्ष 2009 के दिसबंर महीने के पहले सप्ताह के अंत तक कुल 28 पुलिस हथियार लूट लिए। वर्ष 2008 में नक्सलियों ने बिहार के विभिन्न थानों और पुलिस गश्ति दलों पर हमला कर कुल 56 पुलिस हथियार लूट लिए थे।

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) के एस द्विवेदी ने बताया कि बिहार पुलिस द्वारा वर्ष 2009 के दिसबंर महीने के पहले सप्ताह के अंत तक नक्सलियों के खिलाफ की गई विभिन्न कार्रवाई में कुल 384 नक्सली गिरफ्तार किये गए। उनके पास से कुल 105 हथियार, 14808 एम्यूनिशंस, 36,833 किलोग्राम विस्फोटक, 11,329 डेटोनेटर, 56 लैंडमाइंस और लोगों से लेवी के तौर पर वसूली गई 6,84,140 रूपए नकद राशि बरामद की गई। उन्होंने बताया कि नक्सलियों से बरामद हथियारों में से तीन पुलिस से लूटी गई राइफल भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में पुलिस द्वारा नक्सलियों के खिलाफ की गई विभिन्न कार्रवाई में कुल 450 नक्सली गिरफ्तार किए गए और जबकि उनके पास से कुल 133 हथियार, 17098 एम्यूनिशंस, 7459 किलोग्राम विस्फोटक, 24147 डेटोनेटर, 192 लैंडमाइंस और लोगों से लेवी के तौर पर वसूली गई 7,29,700 रूपए नकद राशि बरामद की गई। पुलिस द्वारा नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में 18 पुलिस से लूटी गई राइफल भी शामिल थीं।

17 नक्सलियों का सरेंडर   
बिहार सरकार द्वारा नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके पुनर्वास के लिए चलाई जा रही योजना से प्रभावित होकर वर्ष 2009 में कुल 17 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसर्मपण किया। वर्ष 2001 में शुरू की गई इस योजना से अब तक आत्मसमर्पण कर चुके 152 नक्सली लाभांवित हो चुके हैं।

नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बिहार सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए चलाई गई योजना से प्रभावित होकर वर्ष 2008 में कुल 20 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसर्मपण किया था।

उल्लेखनीय है कि बिहार में वर्ष 2007 के दौरान भी पुलिस और नक्सली के बीच हुई मुठभेड़ में नक्सली पुलिस पर भारी पडे़ थे और 24 पुलिस मुठभेड़ में 23 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और पुलिस कार्रवाई में दस नक्सली मारे गए थे।
   
बिहार पुलिस ने वर्ष 2007 में विभिन्न कार्रवाईयों के दौरान कुल 579 नक्सलियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से कुल 162 हथियार, 4810 अग्नेयास्त्र, 2500 किलो विस्फोटक, 2916 डेटोनेटर, 65 लैंडमाइंस और लोगों से लेवी के तौर पर वसूली गई 59,1131 रूपए नकद राशि बरामद की थी। पुलिस द्वारा नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में 21 पुलिस से लूटी गई राइफल भी शामिल थे।

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