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छोटी-मझोली कंपनियों के शेयरों ने दिया बढ़िया रिटर्न

2009 में जहां बड़ी कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा, वहीं छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया। सही मायने में छोटी और मझोली कंपनियों ने ही बाजार में गति को बरकरार रखने में मदद की। हालांकि इस साल शेयर बाजारों में सुधार हुआ लेकिन छोटी और मझोली कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बड़ी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ा।

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी कंपनियों के शेयरों को तेजी के लिए बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती और इसी कारण इसने शेयर बाजारों में बड़ी कंपनियों के शेयरों को पीछे छोड़ दिया।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज की मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों के विश्लेषण से यह पता चला है कि 2009 में अब तक छोटे शेयरों के सूचकांक ने जहां 115 फीसदी का रिटर्न दिया, वहीं मझोली कंपनियों के शेयरों के सूचकांक ने 100 फीसदी का रिटर्न दिया। छोटे शेयरों के मुकाबले नामी कंपनियों के 30 शेयरों ने निवेशकों को औसतन 75.3 फीसद का रिटर्न दिया।

एसएमसी कैपिटल लि. इक्विटी के प्रमुख जगन्नाधम थुनूगुंटला ने कहा कि बड़ी कंपनियों के मुकाबले छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा। छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में कम निवेश की जरूरत होती है क्योंकि वे सस्ते मूल्य पर बाजार में उपलब्ध होते हैं।

निवेशकों की संपत्ति के मामले में वर्ष 2009 में मझोली कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4,64,034 करोड़ रूपये और छोटी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,71,223 करोड़ रुपये रहा। बाजार में तेजी के कारण सेंसेक्स सूची में शामिल कंपनियों का बाजार बढ़कर 1,101,535 करोड़ रुपये हो गया। 18 दिसंबर, 2009 की स्थिति के अनुसार सेंसेक्स का कुल बाजार पूंजीकरण 25,37,601 करोड़ रूपये था।

अगले वर्ष की स्थिति के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के बेहतर परिणाम और विदेशी संस्थागत निवेशकों की घरेलू बाजार में लिवाली की उम्मीद से बाजार में इसी प्रकार की प्रवृत्ति बरकरार रहने की संभावना है।

एंजल ब्रोकिंग की उपाध्यक्ष (शोध) सरबजीत कौर नांगरा का मानना है कि 2010 में कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से बाजार ऊपर चढ़ेगा और मझोली तथा छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना है।

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  • Web Title:छोटी-मझोली कंपनियों के शेयरों ने दिया बढ़िया रिटर्न