अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकार ने दौड़ाई विनिवेश की गाड़ी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश का मुद्दा संप्रग की दूसरी पारी में गरम रहा। इस दौरान दो सरकारी कंपनियों- ऑयल इंडिया और एनएचपीसी ने आईपीओ से करीब 8,600 करोड़ रूपये जुटाए और नए साल में तीन और सरकारी बिजली कंपनियों के विनिवेश का रास्ता साफ हुआ।
   
साल 2009 में सरकार ने इस मानदंड में ढील दी कि विनिवेश का पैसा सीधा सामाजिक योजनाओं में जाए। वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के लिए शुल्कों में की गई कटौती और व्यय बढ़ने के कारण राजकोषीय घाटा बढ़कर छह फीसदी हो गया। इसी वजह से सरकार ने विनिवेश की गाड़ी को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किया।
  
वामपंथी दलों की नोंक-झोंक से आजाद दूसरी पारी में संप्रग सरकार विनिवेश पर स्पष्ट नीति लेकर सामने आई। मुनाफा दर्ज करने वाली सभी सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों से कहा गया कि उनकी सार्वजनिक हिस्सेदारी कम से कम 10 फीसदी हो और सभी असूचीबद्ध मुनाफे वाली कंपनियां पूंजी बाजार में प्रवेश करें। इस तरह से 60 सरकारी कंपनियां विनिवेश के काबिल पाई गईं।

मुनाफे में चल रही जिन सरकारी कंपनियों के पास सार्वजनिक हिस्सेदारी 10 फीसदी से कम है उनमें एमएमटीसी, प्रमुख खनन कंपनी एनएमडीसी, नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन, इंजीनियर्स इंडिया, स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाईजर्स, नैशनल फर्टिलाईजर्स शामिल हैं। फिलहाल इन कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी 0.67 फीसदी (एमएमटीसी) से लेकर 9.6 फीसदी (इंजीनियर्स इंडिया) तक है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सरकार ने दौड़ाई विनिवेश की गाड़ी
तीसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय
भारत172/7(20.0)
vs
दक्षिण अफ्रीका165/6(20.0)
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 7 रनो से हराया
Sat, 24 Feb 2018 09:30 PM IST
तीसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय
भारत172/7(20.0)
vs
दक्षिण अफ्रीका165/6(20.0)
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 7 रनो से हराया
Sat, 24 Feb 2018 09:30 PM IST
पहला एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच
न्यूजीलैंड
vs
इंग्लैंड
सेड्डोन पार्क, हेमिल्टन, न्युज़ीलैंड
Sun, 25 Feb 2018 06:30 AM IST