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मंदी ने बड़े सीईओ को दिखाया बाहर का रास्ता

अमेरिका में आई आर्थिक मंदी के कारण कई बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को बाहर का रास्ता देखना पड़ा। हालांकि इन सब घटनाक्रम के बीच सिटीग्रुप के भारत में जन्मे सीईओ विक्रम पंडित आज भी कंपनी को इस सबसे बड़े वित्तीय संकट से निकालने में जुटे हुए हैं।

निवेशकों की नाराजगी और नियामकों के अंसतुष्ट होने के बावजूद पंडिट आज भी सिटी को संकट से बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। हालांकि, पंडित के लिए यह एक खराब दौर रहा है, लेकिन उनकी अगुवाई में एक उपलब्धि भी हासिल हुई है। सिटीग्रुप ने हाल में सरकार की ओर से मिली 20 अरब डॉलर की बेलआउट राशि लौटा दी है। संकट के समय अमेरिका सरकार ने कंपनी में 45 अरब डालर का निवेश किया था। सिटीग्रुप में सरकार की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत की है।

अमेरिका की ओर से इन कंपनियों को दी गई मदद से जहां उन्हें संकट में खुद को बचाने में मदद मिली, वहीं इस दौरान कई तेज-तर्रार और जाने-माने सीईओ की कंपनी से छुट्टी हो गई। इनमें एक नाम जनरल मोटर्स के रिक वैगनर का भी है।

बैंक ऑफ अमेरिका के मामले में असंतुष्ट शेयरधारकों ने केनेथ डी लुईस को बैंक के चेयरमैन पद से हटा दिया। अब वह बैंक के सिर्फ संरक्षक रह गए हैं। लुईस पर बैंक को इस स्थिति में पहुंचाने का आरोप है। उन्हें साल के अंत तक यह पद भी छोड़ना पड़ेगा।

जनरल मोटर्स, अमेरिकन इंटरनेशनल ग्रुप, फैनी माई और फ्रेडी मैक जैसे बड़ी अमेरिकी कंपनियों को सरकार की ओर से भारी-भरकम वित्तीय मदद मिली थी। लेकिन इन कंपनियों के प्रमुखों को इस दौरान बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इस सूची में ताजातरीन नाम जीएम के मुखिया फ्रिटज हेंडरसन का है, जिन्हें इस पुनगर्ठित कार कंपनी से हटा दिया गया।
 
सरकार की मदद से अपना अस्तित्व बनाए रखने में सफल हुई कई कंपनियों के सीईओ यह जानते थे कि वे एक खराब विकेट पर हैं। करीब दस सीईओ ने या तो कंपनी से नाता तोड़ लिया या फिर अपनी सेवानिवृत्ति योजना की घोषणा कर दी।

पंडित के अलावा बेलआउट राशि पाने वाली क्राइसलर फाइनेंशियल के सीईओ थामस एफ गिलमैन अभी भी पद पर बने हुए हैं। पंडित को सिटी के प्रमुख के रूप में काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ीं। यहां तक कि एक अमेरिकी प्रकाशन ने तो उन्हें सबसे खराब सीईओ का दर्जा भी दिया है। 

एक अन्य कार कंपनी क्राइसलर के सीईओ राबर्ट नारडेली ने अप्रैल में अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। क्राइसलर का दिवालियापन की स्थिति से उबरने के बाद इटली की वाहन कंपनी फिएट में विलय हो गया है।

बीमा समूह एआईजी के प्रमुख एडवर्ड एम लिडी ने मई में सेवानिवृत्ति की घोषणा की। मार्गेज ऋणदाताओं फैनी माई और फ्रेडी मैक को कुल मिलाकर 100 अरब डॉलर से ज्यादा की बेलआउट राशि मिली। इसके तत्काल बाद फैनी माई के सीईओ एम मुड को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उनके उत्तराधिकारी हर्बर्ट एलिसन भी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाए। एलिसन की जगह इस साल अप्रैल में माइकल विलियम्स कंपनी के प्रमुख बन गए।
    
फ्रेडी मैक के सीईओ रिचर्ड सायरन की नौकरी भी बेलआउट राशि मिलने के बाद चली गई और उनका स्थान जुलाई में चार्ल्स हैल्डेमन ने ले लिया। हार्टफोर्ड फाइनेंशियल सर्विसेज के भारतीय मूल के सीईओ रमानी अययर भी इस साल के अंत तक पद छोड़ रहे हैं।

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