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दुनियाभर की पसंद बने भारतीय पकवान

दुनियाभर में हर चटोरी जुबान की पहली पसंद बने भारतीय व्यंजन इस वर्ष जहां मिशेल ओबामा की रसोई में भी जगह बनाने में कामयाब रहे वहीं बांग्लादेश के एक क्रिकेटर ने भारतीय व्यंजन खाने के लिए लाखों रूपए लुटाए और कनाडा में विशिष्ट मेहमानों को ठंडाई और जलजीरे की ताजगी ने खूब लुभाया।

नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया, जिसमें अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा की रसोई में उगाई गई सब्जियों के साथ कई तरह के भारतीय व्यंजन परोसे गए। झींगे से बने एक व्यंजन को छोड़कर पूरा भोज शाकाहारी था।

इस साल 26 जुलाई को राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रथम महिला ने व्हाइट हाउस में अमेरिका में भारतीय राजदूत मीरा शंकर सहित विभिन्न राजदूतों के लिए स्वल्पाहार का आयोजन किया था जिसमें चिकन समोसा भी परोसा गया। भारतीय व्यंजनों में खास स्थान रखने वाला समोसा पश्चिमी देशों में लोकप्रिय भारतीय स्नैक्स में से एक माना जाता है। वहां इसमें मसाले के साथ साथ बारीक चिकन भी भरा जाता है।

कनाडा के भारतीय वाणिज्य दूतावास में भारत का 63वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए आयोजित एक समारोह में ठंडाई, जल जीरा, रूह अफजा और खस शरबत जैसे पारंपरिक भारतीय पेय लोगों को पेश किये गये और सभी ने जमकर इनका स्वाद चखा।

भारतीय वाणिज्य दूतावास में आयोजित किसी समारोह में पहली बार इस तरह के पेय लोगों को दिये गये। ओंतारियो के प्रीमियर डाल्टन मैकगिंटी ने पहली बार ठंडाई का जायका लिया और इसे पीने के बाद उन्होंने कहा कि यह ताजगी भरी है। इस समारोह में लोगों के बीच सबसे ज्यादा मांग ठंडाई की रही। इसके बाद जलजीरा, खस शरबत और रूहअफजा को भी खासा पसंद किया गया।

कनाडा के उद्योग मंत्री टोनी क्लीमेंट ने कहा कि ये सभी पेय पदार्थ नये और ताजगी भरे थे। इस मौके पर कनाडा के अधिकतर सांसदों ने शराब के बजाय इन्हीं भारतीय पेय पदार्थों का लुत्फ उठाया। एक सांसद ने कहा कि कम से कम अब हमें यह तो पता चला कि भारतीय इतनी भीषण गर्मी का सामना कैसे कर लेते हैं।

कुछ लोग भले ही इसे सनक कहें लेकिन भारतीय व्यंजनों के दीवाने बांग्लादेश के एक क्रिकेटर ने 4000 पाउंड से अधिक खर्च कर ब्रिटेन से अपने पसंदीदा भोजन और खानसामे को दुबई बुलवाया। टेस्ट खिलाड़ी हबीबुल बशर ने दुबई में 17 अगस्त को अपने 37वें जन्मदिन के लिए चोभम के अमीष इंडियन रेस्त्रां से अपने पसंदीदा भोजन के साथ खानसामे को बुलाया।

बशर जब इस वर्ष गर्मियों में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड गया था तो उसे इस रेस्त्रां का चिकन, गोश्त और सब्जियां बहुत अच्छे लगे थे। उसने अपने जन्मदिन पर जो आर्डर भेजा, उसमें उड़ान का टिकट मिलाकर कुल 4270 पाउंड का खर्च आया।

मारीशस के राष्ट्रपति अनिरूद्ध जगन्नाथ भारतीय व्यंजनों के रसिया हैं। हाल ही में अपनी पत्नी सरोजिनी जगन्नाथ के साथ एक निजी यात्रा पर वाराणसी आए जगन्नाथ ने यहां के लजीज व्यंजनों का भरपूर आनंद उठाया जिनमें से उन्हें सबसे ज्यादा अच्छी मिठाई मलइयो लगी, जो सिर्फ बनारस में ही बनती है।

शाकाहारी व्यंजन में भले ही सौ गुण हों, लेकिन सियाचिन और कारगिल जैसे बर्फीले स्थानों पर तैनात भारतीय सैनिकों को अब मटन और चिकन बिरयानी तथा गैर शाकाहारी सैंडचिव मुहैया कराए जा रहे हैं। इनमें सभी प्रकार के पोषक तत्व और स्वाद मौजूद रहेंगे।

मैसूर स्थित देश के रक्षा खाद्य अनुसंधान प्रयोगशाला (डीएफआरएल) ने ऐसे स्थानों पर तैनात सैनिकों के लिए यह व्यवस्था की है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में तैनात सेना के जवानों के बीच मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांगों के मद्देनजर डीएफआरएल ने खास तौर से तैयार और पैक भोज्य पदार्थ पेश किए। ये खाद्य पदार्थ एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं।

डीएफआरएल के निदेशक अमरिंदर सिंह बावा ने कहा कि इन उत्पादों को गैर थर्मल तकनीक के तहत विकसित किया गया है। इस तकनीक से भारतीय खाद्य पदार्थ में लंबे समय तक पोषक तत्व और स्वाद बरकरार रखने में मदद मिलती है।

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