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नाडा ने लगाया डोपिंग पर अंकुश

देश में खेलों को ड्रग मुक्त बनाने की कवायद में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) को अपने गठन के पहले ही साल में भारी सफलता हाथ लगी है, जिसने इस साल 2197 खिलाड़ियों के टेस्ट कर 24 पर प्रतिबंध लगा दिया है।

नाडा के महानिदेशक राहुल भटनागर ने बताया कि इस साल हमने 2197 टेस्ट किए और 24 खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि विभिन्न खेलों के 15 खिलाड़ियों के मामले टेस्ट के बाद अनुशासन समिति के सामने विचार के लिए रखे जा चुके हैं। लेकिन इन 15 खिलाड़ियों के नाम अभी नहीं बताए जा सकते।
 
उन्होंने बताया कि साल का अंत होने तक 25 नए डोपिंग के मामले सामने आ चुके है, इन खिलाड़ियों का ए सैंपल पॉजिटिव पाया गया है जबकि दूसरा टेस्ट होना अभी शेष है।

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियमों के अनुसार काम करने वाले नाडा का मूल लक्ष्य देश में खेलों को ड्रग मुक्त बनाना है और खिलाड़ियों को इससे दूर करना है।

नियमों के अनुसार नाडा के अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी प्रतियोगिता स्थल या संस्थान जाकर खिलाड़ियों के टेस्ट के लिए औचक नमूना लेते हैं। नाडा द्वारा लिया गया यह 'ए' सैंपल राष्ट्रीय डोप टेस्ट लैब (एनडीटीएल) को जांच के लिए भेजा जाता है और जिस खिलाड़ी का ए टेस्ट पॉजीटिव आता है तो उस खिलाड़ी को सात दिन का समय दिया जाता है। ताकि वह खिलाड़ी खुद आकर बी टेस्ट दे और अगर खिलाड़ी का दूसरा सैंपल भी पॉजिटिव आता है तो मामला नाडा की अनुशासन समिति के समक्ष जाता है और खिलाड़ी पर ड्रग की क्षमता के हिसाब से प्रतिबंध लगाया जाता है। आमतौर पर पहली बार में यह प्रतिबंध दो साल का होता है।

भारत सरकार ने वाडा से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय डोप टेस्ट लैब (एनडीटीएल) को आधुनिक बनाने के लिए दस करोड़ रूपये दिए है। यह लैब एशिया में सातवीं और दुनिया में 35वीं है। भारत के इस लैब में आस-पास के देशों से आए नमूने भी टेस्ट किए जाते हैं।

दुनियाभर में खेलों को ड्रग मुक्त बनाने के लिए 1999 में गठित अंतरराष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के साथ दुनिया के करीब 120 देश जुड़े हुए हैं। ओलंपिक और विश्व प्रतियोगिता के दौरान वाडा द्वारा ही ड्रग टेस्ट किया जाता है।

खेल मंत्री गिल ने हाल ही में बताया था कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारत की इस लैब से करीब तीन हजार टेस्ट किए जाने की उम्मीद है, जिसमें दो हजार मूत्र परीक्षण के अलावा 300 ब्लड टेस्ट और 200 इपीओ टेस्ट शामिल हैं।

नाडा ने अभी तक जिन 24 खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया है उसमें 16 बॉडी बिल्डर, 4 एथलेटिक्स और दो-दो खिलाड़ी भारोत्तोलन और पावरलिफ्टिंग से जुड़े हुए हैं। इनमें एथलीट हरभजन सिंह, अवतार सिंह, गुरुदेव सिंह, सुनील कुमार मिश्रा और महिला भारोत्तोलक आर कविता, एम श्यामलाल (भारोत्तोलक) और बॉडी बिल्डर के गोपीनाथ, एम रोमियो सिंह, एम वेंकटेश, एम कोथांदरम, अमल पी सुरेंद्र, अनिल कुमार, आनंद कुमार, भक्त कुमार, गौरव शर्मा, प्रेम चंद्र सिंह, ई पोनमुडडी, जय प्रकाश, ओ बी विपिन, हेगड़े प्रसाद, एस मंगेरा और दिनेश कुमार हैं। इनके अलावा पावरलिफ्टर सरबजीत सिंह और नश्कर हैं।

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