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विधान परिषद चुनावों में पहली बार आचार संहिता लागू

चुनाव आयोग ने विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों में सात जनवरी को होने वाले चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से सम्पन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए एक तरह से आचार संहिता लागू कर दी है। यह पहला मौका है कि आयोग ने इन चुनावों में इस तरह का कदम उठाया है।

आयोग ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा स्थानीय निकायों को विधान परिषद स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन प्रक्रिया की अवधि में किसी भी प्रकार का वित्तीय अनुदान अवमुक्त नहीं किया जाएगा और न ही इस आशय की कोई घोषणा की जाएगी।

आयोग ने यह भी कहा है कि राज्य या केन्द्र सरकार के मंत्री अपने सरकारी दौरों में से किसी भी प्रकार के निर्वाचन कार्यो को नहीं जोड़ेंगे। मंत्री सरकारी दौरा समाप्त करने के बाद मुख्यालय वापस आएँगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि निर्देशों में आयोग ने कहा है कि चुनाव कार्यो से जुड़े हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी जिले में मंत्रियों द्वारा बैठक के लिए नहीं बुलाया जाएगा।

कोई भी कर्मचारी यदि निर्वाचन प्रक्रिया की अवधि में मंत्रियों के निजी दौरों के दौरान उनसे मिलता है तो उसके विरुद्ध सुसंगत नियमों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। किसी भी मंत्री के निजी दौरों के दौरान पायलट कार या अन्य कारों  पर नीली-लाल बत्ती अथवा सायरन का उपयोग नहीं किया जाएगा।

भले ही राज्य सरकार द्वारा उसे सुरक्षा कवच प्रदान किया गया हो। किसी भी मंत्री या राजनैतिक पदाधिकारी द्वारा अधिकारिक बैठक के लिए स्थानीय प्राधिकारी के किसी सदस्य को, जिनके नाम मतदाता सूची में हैं, नहीं बुलाया जाएगा।

श्री सिन्हा ने बताया कि यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय निकायों की रूटीन बैठकें, यदि आवश्यक हों, तो जिला निर्वाचन अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही आयोजित की जा सकती हैं। मतदान के समय प्रत्येक मतदाता को अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र या कोई अन्य पहचान अभिलेख, जिसमें मतदाता का फोटोग्राफ हो अथवा जिस स्थानीय निकाय के वह सदस्य हैं, उसके द्वारा जारी पहचान पत्र पहचान हेतु प्रस्तुत करना होगा।

किसी भी सरकारी या अर्धसरकारी संगठन में कार्यरत कर्मचारी या राजनैतिक लाभ वाले पद के धारक को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या मतगणना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त करने की अनुमति नदीं दी जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के दिन सभी पोलिंग स्टेशनों पर एक अधिकारी के पर्यवेक्षण में निर्बाध रूप से निरन्तर वीडियोग्राफी की जाएगी। निरक्षर, दृष्टिहीन तथा अशक्त मतदाताओं को छोड़कर किसी अन्य मतदाता को अपने साथ हैल्पर या सहयोगी ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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