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स्कूलों पर दलित उत्पीड़न का आरोप

एक दलित अभिभावक ने पब्लिक स्कूलों पर दलितों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है। उसका आरोप है कि पब्लिक स्कूल नियमानुसार एससी-एसटी बच्चों से यूपी बोर्ड के स्कूलों के बराबर फीस नहीं ले रहे हैं।

अंबेडकर नगर घूकना निवासी अनिल सागर ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर दलितों के साथ न्याय की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्रदेश सरकार अनापत्ति पत्र देती है। इसकी शर्तों के अनुसार स्कूलों में दस प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चों को पढ़ाया जाना अनिवार्य है। इन बच्चों से उत्तर प्रदेश माध्यमिक परिषद के बराबर  ही फीस ली जाए। लेकिन गाजियाबाद के पब्लिक स्कूलों में ऐसा  नहीं हो रहा।

अनिल का कहना है कि उसका बेटा चौधरी छबीलदास पब्लिक स्कूल में कक्षा 1 में पढ़ता है। जब उसने अपने  बच्चों को कम फीस पर पढ़ाने के लिए प्रधानाचार्या से संपर्क किया तो उन्होंने ऐसी किसी भी जानकारी ने से साफ मना कर दिया।

पीड़ित ने इसे दलितों पर होने वाले अत्याचार की श्रेणी रखते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की गुहार लगाई। इसकी प्रति बीएसई चेयरमैन, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा और डीआईओएस को भेजी गई है।

इस बारे में छबीलदास स्कूल की प्रधानाचार्या प्रतिभा चौधरी का कहना है कि कम फीस पर बच्चों को पढ़ाने की मांग रने वालों से प्रार्थना पत्र मांगे गए हैं। इन प्रार्थना पत्रों को स्कूल प्रबंधन को भेजा जाएगा। स्कूल प्रबंधन ही इस बारे  कोई निर्णय लेगा।

 

 

 

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