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वापस आएंगी बापू की यादें!

नीलामी रुके या नहीं, पर महात्मा गांधी की ऐनक, घड़ी और अन्य वस्तुओं की वतन वापसी की संभावना बढ़ गई है। भारत सरकार किसी भी कीमत पर देश की इस धरोहर को वापस लाने को प्रतिबद्ध है। खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी को इस आशय के निर्देश दिए। समझा जाता है कि गुरुवार को न्यूयार्क में होने वाली प्रस्तावित नीलामी से ठीक पहले इन वस्तुओं के संग्राहक कैलीफोर्निया के सामाजिक कार्यकर्ता जेम्स ओटिस नीलामी रोकने पर सिद्धांत: राजी हो गए हैं। हालांकि उन्होंने कुछ शर्ते रखी हैं।ड्ढr ड्ढr ओटिस के मुताबिक, वह गांधीजी से जुड़ी इन वस्तुओं जिनमें ऐनक और जेब घड़ी के अलावा चमड़े के चप्पल और थाली-कटोरी शामिल हैं, भारत को डोनेट करने को तैयार हैं। लेकिन इधर विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने साफ कहा कि शर्ते कबूलने का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना था, हम ओटिस से अपील करते हैं वह उन वस्तुओं को नीलामी से हटा ले। वहीं ओटिस का दावा है कि न्यूयार्क स्थित भारतीय कौंसुलेट से उनकी बातचीत हुई है और अंतिम सूचना के मुताबिक भारत को शर्ते कबूल हैं। ओटिस की शर्त है कि भारत घरलू बजट का एक तयशुदा हिस्सा गरीबों पर खर्च कर और गांधीजी की यह धरोहर किसी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में नुमाया हो। इस बीच संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी का कहना था कि प्रधानमंत्री ने अधिकृत किया है कि देश की इस धरोहर की वापसी के लिए जो भी संभव हो, किया जाए। उधर, अमरिका मं भारतीय मूल क होटल व्यवसायी संत सिंह चटवाल की अगुवाई मं व्यवसायियों क एक समूह ने भी भारत की ओर स नीलामी मं हिस्सा लन का मन बनाया है।ं

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