class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बढ़ रहा मिड-डे-मील पाने वालों का कुनबा

प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों के परिवारों में कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवार में सदस्य बढ़ने पर भोजन का खर्चा बढ़ना लाजिमी है। इस वर्ष मिड-डे-मील का जनवरी से मार्च तक का खाद्यान्न 842 मीट्रिक टन उठाया जाएगा।

इस वित्तीय वर्ष में मिड-डे-मील के लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रत्येक तिमाही का खाद्यान्न मिड-डे-मील सेल उठाता है। एफसीआई गोदाम से प्रत्येक ब्लॉक के एसएमआई केंद्र पर खाद्यान्न पहुँचता है। वहाँ से प्रधानों के पास फिर उनके द्वारा स्कूलों को दिया जाता है। दूसरी तिमाही में अपर प्राइमरी में छात्र संख्या कुछ कम हुई पर तीसरी तिमाही में फिर बढ़ गई। पूर्व में प्रत्येक स्कूल में 80 प्रतिशत छात्रों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को खाद्यान्न दिया जाता था।

डीसी मिड-डे-मील खेलेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस वर्ष सेतु शिक्षा केंद्रों में पढ़ने वाले 31 सौ बालश्रमिक भी शामिल किए जाएँगे। विडंबना यह है कि छात्रवृत्ति और मिड-डे-मील के छात्रसंख्या के आँकड़े के अनुसार छात्र संख्या लगातार बढ़ रही है पर स्कूलों के रिकॉर्ड के अनुसार छात्रों की संख्या कम ही दिखाई देती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बढ़ रहा मिड-डे-मील पाने वालों का कुनबा