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झेलनी पड़ सकती है बिजली कटौती

प्रदेश के उपभोक्ताओं को और अधिक बिजली कटौती झेलनी पड़ सकती है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग में भी रिकार्ड बढ़ोत्तरी हो गई है। प्रतिदिन ढाई करोड़ यूनिट बिजली की मांग है, जबकि सभी माध्यमों से जुटाने के बाद भी लगभग 20 लाख यूनिट की कमी पड़ रही है।

प्रदेश में लगातार बिजली कटौती चल रही है। सरकार भी विधानसभा में बिजली कमी की बात स्वीकार कर चुकी है। फिलहाल कटौती की मार ग्रामीण क्षेत्रों व औद्योगिक इकाइयों को ङोलनी पड़ रही है लेकिन जल्द ही अन्य उपभोक्ता भी इसके दायरे में आ सकते हैं। लगातार बढ़ती मांग ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के होश उड़ा दिए हैं।

24 दिसंबर के आंकड़े के अनुसार प्रदेश को 2.54 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत थी। इन सर्दियों में यह अब तक की सबसे अधिक मांग है। सुधरने के बावजूद प्रदेश का उत्पादन अब भी 90 लाख से कम ही है। प्रदेश को उत्तरी ग्रिड से लगातार ओवर ड्रा करना पड़ रहा है, तब भी मांग पूरी नहीं हो रही है।

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक जगमोहन लाल मानते हैं कि मांग में हुई बढ़ोत्तरी से कटौती करनी पड़ रही है। हालांकि कारपोरेशन अन्य माध्यमों से बिजली जुटाने की कोशिश कर रहा है। जानकारों के मुताबिक जनवरी में मांग 2.7 करोड़ को भी पार कर सकती है। ऐसे अन्य क्षेत्रों में भी बिजली कटौती करनी पड़ेगी।

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