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क्यों जरूरी है हरित प्रदेश

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने केन्द्र सरकार को इस आशय का पत्र लिखकर दिया है कि उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांट दिया जाना चाहिए। मायावती उत्तर प्रदेश का बंटवारा करना ही चाहती हैं तो उन्हें केन्द्र को पत्र लिखने के बजाय उत्तर प्रदेश विधानसभा में बंटवारे का प्रस्ताव पारित कराना चाहिए था। हालांकि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह समय-समय पर हरित प्रदेश की मांग को उठाते रहे हैं। लेकिन लगता नहीं है कि वे हरित प्रदेश की मांग के प्रति ईमानदार हैं।  राजधानी का इतना दूर होना पश्चिम उप्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा अन्याय है।
सलीम अख्तर सिद्दीकी, 170, मलियाना मेरठ।

जनता की भूमिका महत्वपूर्ण
विकास तब होगा जब जनता इतिहास प्रक्रिया के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मानसिक विकास में निर्णायक भूमिका निभा रही हो। दुनिया को बदलने के साथ-साथ अपने भी बदल रही हो। अपना दायित्व व्यक्ति, परिवार, समाज और देश के प्रति निभा रही हो। यह तभी संभव होगा जब हमारे देश में छोटे-छोटे राज्य बनेंगे। दुनिया की कोई भी सामाजिक व्यवस्था और सत्ता अपनी मानसिक बीमारियों को खुद नहीं समझ पाती और उसके संचालक मानते हैं कि वह पूर्णत: स्वस्थ हैं। बीमारी तो आलोचकों में है और विद्रोहियों में है।
बी. के. सिंह चासी, चास, बोकारो

फिर न बनें रियासतें
हम इतिहास को भूलकर या अनदेशी कर असंख्य रियासतों में भारत को विभाजित कर देने के लिए व्याकुल हैं। ऐसी स्थिति से बचना होगा। अन्यथा भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, समाज में समरसता का अभाव, मंत्रिमंडल का वृहत आकार, क्षेत्रीय विषमता आदि के लिए हम स्वयं ही जिम्मेवार होंगे। हम आशा करते हैं कि देश के भविष्य के प्रति हितैषी दृष्टिकोण वाले इनके निराकरण पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे।
प्रवीण कुमार शर्मा, दिलावरगंज, पूरबपाली, किशनगंज, बिहार
 
यह कैसा विकास
झारखंड भी बिहार से अलग हुआ था परंतु मधु कोड़ा ने कितना विकास किया यह सारा भारत जानता है। अगर भारत सरकार देश के विकास के बारे में इतनी सोच रखती है तो सबसे पहले देश भर में हो रहे बाल मजदूरी को रोकने का प्रयास करे। यह विकास का कैसा रूप है?
नदीम अहमद, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली

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