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खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान छेड़ेगा प्रशासन

खाद की कालाबाजारी का पर्दाफाश होने के बाद जिला प्रशासन ने सहकारिता समिति के मिनी बैंकों का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। जहां अनियमितता पाई जाएगी वहां के दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चाजर्सीट या निलंबन की सजा दी जा सकती है।

कार्रवाई को अंजाम देने के लिए छापेमारी की खास योजना तैयार की जा रही है। इसका मुख्य मकसद किसानों को पर्याप्त खाद मुहैया करवाना है। उपायुक्त प्रवीण कुमार के आदेश पर कृषि विभाग, राजस्व विभाग के अफसर इसमें जुट गए हैं। पड़ोसी राज्यों में खाद सप्लाई करने की सूचना प्रशासन को मिल रही है। पुलिस के साथ तालमेल कर प्रशासन नाकों पर कड़ी चौकसी बढ़ाएगा, ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके।

राशनकार्ड दिखाकर एक किसान 10 कट्टे यूरिया खाद ले सकता है। इससे ज्यादा की जरुरत है तो वह कृषि विभाग के अधिकारी से लिखवाकर खाद प्राप्त कर सकता है। किसानों को डीएपी खाद के लिए 467.50 रुपए व यूरिया खाद के लिए 241.50 रुपए देने पड़ते हैं। खाद वितरण के लिए जिला फरीदाबाद व पलवल में 29 पैक्स (मिनी बैंक) बनाए गए हैं। जहां से किसान यूरिया खाद प्राप्त करते हैं। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

बैंकों में अनियमिताओं के चलते किसानों को यूरिया खाद मिलना मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों की कारगुजारी के कारण किसान बाजार से इसे महंगे दामों पर खरीदने पर मजबूर हैं। आरोप है कि जिला फरीदाबाद या फिर पलवल का खाद उत्तर प्रदेश व राजस्थान में सप्लाई किया जा रहा है। हरियाणा के मुकाबले वहां खाद के रेट महंगे हैं। उत्तर प्रदेश में डीएपी के 511 व प्रति बैग यूरिया का रेट 258 रुपये है जो खाद की कालाबाजारी की एक वजह बताई जा रही है।

बहरहाल, खाद न मिलने पर गांव ददसिया, पलवली, भोपानी, नाचौली व शेरपुर खादर के करीब 80 किसानों ने उपायुक्त से शिकायत की। उपायुक्त के आदेश पर वीरवार को कृषि विभाग की टीम ने छापा मारा था जिसमें कृषि विभाग डिप्टी डायरेक्टर रणबीर सांगवान और तहसीलदार चंद्रप्रकाश के नेतृत्व में इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

इसके बाद खाद की कालाबाजारी रोकने व सख्ती बरतने के लिए ही यूरिया खाद बांटने में लगे अधिकारियों के पकड़े जाने पर निलंबित करने के आदेश पारित कर दिए गए हैं।

डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर रणबीर सांगवान ने कहा कि खाद की कालाबाजारी करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। बाकी मिनी बैंकों का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। किसानों के लिए भरपूर यूरिया खाद है। वह आसानी से सहकारी और प्राइवेट एजेंसियों से प्राप्त कर सकते हैं।

 

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  • Web Title:खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान छेड़ेगा प्रशासन