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प्रोजेरिया पीड़ित बच्चों ने दम तोड़ा

प्रोजेरिया मरीजों  के लिए आइकॉन बने अमिताभ बच्चान से मिलने का सपना दिल में संजोए प्रोजेरिया से ग्रसित एकरामुल इस दुनिया को अलविदा कह गया। काल के कुचक्र ने उसकी हसरतें पूरी नहीं होने दी। मालूम हो कि अमिताभ बच्चान अभिनीत फिल्म ‘पा’ के रिलीज होने के बाद प्रोजेरिया के मरीज अचानक सुर्खियों में आ गए हैं।

एकरामुल ने गुरुवार को छपरा सदर अस्पताल में अपने जीवन की अंतिम सांसें ली। उसकी मां रजिया बेगम ने फफकते हुए बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों ने उसके साथ अच्छा सलूक नहीं किया। उनकी गुहार किसी ने नहीं सुनी, वरना महज सर्दी खांसी से पीड़ित उनका एकरामुल बच गया होता।

उसकी शव के पास विलाप कर रहीं महिलाओं के बीच खड़ा प्रोजेरिया पीड़ित उसका छोटा भाई ग्यारह वर्षीय अली हुसैन उर्फ राजू की आंखों से बहते आंसू उसके दर्द की दास्तां खुद ही बयां कर रहे थे। पूछने पर उसने बताया कि अब इस दुनिया में उसका कौन है? जिसके साथ वह अपना दुख सुख, अपनी खुशियां सब कुछ बांटता था, वह तो उसे छोड़कर चला गया।

अपनी आठ संतानों में से पांच को असमय खो चुकी रजिया बेगम का दुख असहनीय था। भयंकर गरीबी में दो दशक से जूझ रहे इस पीड़ित परिवार को मदद की सरकारी घोषणा अब तक सिर्फ फाइलों में ही सिमटी हुई हैं। इस पीड़ा को ङोलने वाली उसकी मां ने अपने दर्द का इजहार करते हुए बताया कि बच्चों हिम्मत न हारें, इसके लिए वह अपनी बदहाली पर छुपकर कमरे में रो लेती हैं।

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