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अल्पसंख्यक संस्थाओं को क्यों मिली छूट?

विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री संतोष दत्त ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के उस निर्णय पर सवालिया निशान लगाया जिसमें बीएड सत्र शून्य होने से अल्पसंख्यक संस्थानों को मुक्त किया गया है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट ने भी हिन्दुओं के साथ भेदभाव किया तो देश में बगावत होने से कोई रोक नहीं पायेगा।

उन्होंने मांग की कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्रसंघ चुनाव कराया जाये। उन्होंने कहा जो निर्णय बहुसंख्यक संस्था के लिए है वही अल्पसंख्यकों के लिए क्यों नहीं? साथ ही कहा कि उच्चशिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विद्यार्थी परिषद आवाज उठायेगी।

उन्होंने कहा कि जहां छात्रसंघ नहीं है वहीं ज्यादा रैगिंग होती है जो छात्रों की आत्महत्या का कारण है। मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कालेजों में विद्यार्थी संगठनों के अभाव में छात्रों की आत्महत्या की ज्यादा घटनाएं होती हैं। इसलिए कालेजों में छात्रसंघ का गठन होना जरूरी है।

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