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स्टेम कोशिका से इलाज के बाद आंख की रोशनी लौटी

स्टेम कोशिका से इलाज के बाद आंख की रोशनी लौटी

चिकित्सा क्षेत्र को मिली एक और उपलब्धि के तहत ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने स्टेम कोशिका उपचार का इस्तेमाल कर एक आंशिक दृष्टिहीन व्यक्ति के आंख की रोशनी लौटा दी है। नॉर्थ ईस्ट इंग्लैंड स्टेम सेल इंस्टीटयूट (एनईएससीआई) के नेत्र शल्य चिकित्सकों ने रसेल टर्नबुल नाम के व्यक्ति की दृष्टि पूरी तरह लौटा दी है। वह रासायनिक दुष्प्रभाव के बाद अपने एक नेत्र की दृष्टि पूरी तरह खो चुके थे।

जब 38 वर्षीय रसेल एक झगड़ा निपटाने के लिये हस्तक्षेप करने गये तो वह बुरी तरह जल गये थे। इसके बाद उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी तौर पर चली गयी और वह जब कभी पलक झपकाते थे तो उन्हें दर्द होता था। बहरहाल, अब उनकी रोशनी लौट आयी है और इसका श्रेय नयी तकनीक को जाता है जिसके तहत चिकित्सकों ने उनके दूसरे स्वस्थ नेत्र से स्टेम कोशिका लेकर उसे कॉर्निया की झिल्ली के बाहर दोबारा विकसित किया।
   
पत्रिका स्टेम सेल में प्रकाशित लेख के मुताबिक, इस नयी तरह की शल्य क्रिया में उनकी बांईं आंख से एक वर्ग मिलीमीटर का हिस्सा काटकर स्टेम कोशिका निकाली गयी और उसे प्रयोगशाला में उसके मूल आकार की तुलना में 400 गुना अधिक विकसित किया गया। इसके बाद नेत्र की बाहरी त्वचा को क्षतिग्रस्त झिल्ली में सिला गया।

इससे पहले आई एक ताजा रिपोर्ट में वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव के लिए अत्यावश्यक तत्व विटामिन सी को बीमारियों के इलाज के उददेश्य से स्टेम कोशिका पैदा करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने खोज की है कि विटामिन प्रौढ़ कोशिकाओं को सिर्फ भ्रूणीय स्टेम कोशिका के गुण मुहैया कराने के लिए उन्हें दुरुस्त करने का काम करती है।

द डेली टेलीग्राफ की खबर के अनुसार इस खोज से दुरुस्त कोशिका, इंडयूस्ड प्लुरिपोंटेंट स्टेम सेल (आईपीएससीज) पैदा करने का मार्ग प्रशस्त होता है। भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं को प्रजनन क्लिनिकों द्वारा भ्रूण के शुरुआती चरण में निकाला जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार आईपीएससीज हड्डी से लेकर मस्तिष्क तक कोई भी मानव उतक तैयार करने की संभावना के साथ भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं में नैतिकता संबंधी समस्याओं के समाधान की पेशकश करता है।
   
सामान्य कोशिकाओं को आईपीएससीज में बदलना काफी कठिन काम है। कोशिकाएं अक्सर समय पूर्व ही उम्र पूरी कर लेती हैं और उनका विभाजित होना थम जाता है या वे मर सकती हैं। इस प्रक्रिया को सेनेसेंस के नाम से जाना जाता है। इस खोज के परिणाम सेल स्टेम सेल पत्रिका के ताजा संस्करण में छपे हैं।

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  • Web Title:स्टेम कोशिका से इलाज के बाद आंख की रोशनी लौटी