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पांच अमेरिकी नागरिकों पर चल सकता है आतंकवाद का मुकदमा

पांच अमेरिकी नागरिकों पर चल सकता है आतंकवाद का मुकदमा

पाकिस्तान की एक अदालत ने कथित आतंकी संबंधों के चलते पकड़े गए पांच अमेरिकी मुस्लिम युवकों की हिरासत को शुक्रवार को अगले 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया। इसके बाद इन युवकों के अमेरिका प्रत्यर्पण का प्रयास और जटिल हो जाएगा। सरगोधा के मजिस्ट्रेट मुहम्मद असलम वानीवाल ने युवकों को पुलिस हिरासत में भेज दिया जो उन पर आतंकवाद का मुकदमा चला सकती है। अमेरिका इन युवकों को वापस लाने को इच्छुक है जहां अमेरिकी एजेंसियां उनको हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती हैं।

युवकों की गिरफ्तारी के बाद यह आशंका बलवती हो गयी कि अमेरिका और पश्चिम के लोग अल-कायदा एवं अन्य आतंकवादी समूहों से संबंधों के लिए पाकिस्तान की ओर जा रहे हैं। पुलिस ने अदालत से कहा कि संदिग्धों से और पूछताछ जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपने साझे ई-मेल अकाउंट में एक परमाणु संयंत्र का नाम लिख रखा है और इस संवेदनशील मुद्दे की जांच आवश्यक है।
    
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर हिरासत की अवधि और बढ़ाने की मांग की जा सकती है। न्यायाधीश ने संदिग्धों के इस आग्रह को खारिज कर दिया कि उन्हें अलग जेल में रखने के बजाए एक साथ रखा जाए। वाशिंगटन डीसी इलाके के रहने वाले इन युवा मुस्लिमों पर अभी तक किसी अपराध का आरोप नहीं लगा है।   

बहरहाल पुलिस ने आरोप लगाया कि यह लोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए सामग्री जुटाने की कोशिश कर रहे थे। इन पांचों को इस महीने की शुरुआत में सरगोधा से गिरफ्तार किया गया था लेकिन इन्हें लाहौर में रखा गया है। पुलिस ने पहले कहा था कि अमेरिकी युवक आतंकवादी समूहों से संबंध बनाने का प्रयास कर रहे थे और वह अफगानिस्तान में लड़ाई के लिए जाने के इच्छुक थे।

युवकों पर पाकिस्तान में धार्मिक चरमपंथी समूहों से संपर्क करने के लिए फेसबुक और यू टयूब का उपयोग करने का आरोप है और कहा जाता है कि उन्होंने तालिबान में भर्ती करने वाले एक व्यक्ति से संपर्क कायम कर लिया था। इनके चिंतित परिजनों ने युवकों का पता लगाने के लिए अमेरिका में एफबीआई से संपर्क किया जिसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन्हें गिरफ्तार किया।
    
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने इनकी पहचान वकार हुसैन खान (22), अहमद अब्दुल्ला मिन्नी (20), रैमी जमजम (22), इमान हसन येमेर (17) और उमर फारूक (24) के रूप में की और इस्लामाबाद से 200 किलोमीटर दूर सरगोधा में नौ दिसंबर को गिरफ्तार किया।
    
इनमें तीन पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी हैं जबकि दो इथोपियाई मूल और एक मिस्र मूल का अमेरिकी नागरिक है। पाकिस्तानी पुलिस सैफुल्लाह को खोज रही है जो ई-मेल पर इन लोगों के संपर्क में था और कहा कि वह उन लोगों को कबायली इलाकों में ले गई होगी।

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