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युवाओं की परेशानी

प्रत्येक जोड़ों का दर्द उम्र बढ़ने की निशानी नहीं होता। जोड़ों के दर्द की परेशानी बुजुर्गो को ही नहीं बल्कि युवाओं को भी होती है खासकर महिलाओं और धूम्रपान करने वाले युवाओं को। इन दिनों रियूमाटॉयड ऑर्थराइटिस युवाओं को काफी प्रभावित कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इसे सिर्फ हड्डियों का दर्द मानना सही नहीं होगा। अगर इसका इलाज न किया जाए तो हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और कैंसर होने की आशंका रहती है। हालांकि रियूमाटॉयड ऑर्थराइटिस जेनेटिक है, लेकिन ध्रूमपान करने वाले लोगों को ध्रूमपान न करने वालों की तुलना में यह तीन गुना ज्यादा होती है।

सामान्यत: लोग इस तरफ ध्यान नहीं देते और घरेलू इलाज करते  हैं जैसे कि मसाज, बाम लगाना या परंपरागत उपचार। जिससे परेशानी बढ़ती है। यहां तक कि लंबे समय तक इलाज न कराने की वजह से अंगों में विकृति की समस्या भी हो जाती है। व्यस्त जीवनशैली के कारण कामकाजी लोग इस बीमारी की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। मौजूदा दौर में 10 मिलियन लोग रियूमाटॉयड ऑर्थराइटिस से पीड़ित होते हैं।

शुरुआत में सुबह के समय आधे से एक घंटे जोड़ों में जकड़न महसूस होती है। कुछ लोगों में इसके फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिलते है। इसकी वजह से थकान, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन भी होता है।

इलाज 
- परेशानी ज्यादा हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। घरेलू चिकित्सा न करें। 
- न्यूट्रिशयन साइंटिस्ट का कहना है कि मछली और सनफ्लावर का प्रयोग लाभकारी होता है। 
- इलाज में लेटलतीफी न करें। देर तक ईलाज न कराने से अंगो में विकृति भी हो जाती है। 
- हालांकि मीथोट्रेक्सेकेट प्रमुख ड्रग है। इसके अलावा कोर्टीकॉस्टोरॉयड का भी प्रयोग किया जाता है।

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