class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झिझकें नहीं

मोलभाव की प्रक्रिया समझें। तभी आप किसी कंपनी से बेहतर पैकेज प्राप्त कर सकते हैं।

जरूरत के अनुरूप :  मौजूदा दौर में सेलेरी की जानकारी के कई स्त्रोत हैं। मसलन, वेबसाइट, एसोसिएट प्रोफेशनल्स आदि जिनके द्वारा आप अपनी मार्केट वैल्यू पता कर सकते हैं।

न्यूनतम सेलेरी : ध्यान रखें कि जानकारी आपकी ताकत है और जितनी जल्दी आपको जानकारी होगी, उसका उतना ही बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। अगर इंटरव्यू में शुरुआत में आपसे सेलेरी हिस्ट्री या न्यूनतम वेतनमान के बारे में पूछा जाए तो अपने पक्ष को बेहद गंभीरता और सोच-समझकर रखें। न्यूनतम सेलेरी का खुलासा जल्द न करें। 

गलत मानसिकता : एक बात हमेशा जेहन में रखें कि आपको और कंपनी दोनों को ऐसा लगना चाहिए कि दोनों ने बेहतर डील की है। मोलभाव के दौरान प्रोफेशनल रहें। इस दौरान न तो आप ज्यादा आक्रामकता या जल्दबाजी न दर्शाएं। अपने सुझाव और अनुरोध भी रखें, साथ ही दोस्ताना स्वभाव भी प्रदर्शित करें। एक बार एग्रीमेंट हो गया तो इसका मतलब है कि मोल-भाव खत्म।

ऑफर में बदलाव : अगर आप जॉब करने के इच्छुक हैं, लेकिन ऑफर से नाखुश हैं तो एक या दो महत्वपूर्ण बिंदुओं, जिसमें आप बदलाव चाहते हैं, के लिए बात करें। उदाहरण के तौर पर बेसिक सेलेरी में 15 प्रतिशत का इजाफा और पांच छुट्टियां ज्यादा। इंश्योरेंस कवरेज, रीलोकेशन पैकेज, हाउसिंग और कार अलाउंस आपको लालची साबित करेगा।

खटास न होने दें : किसी कारणवश आपका मोल-भाव न हो पाए। तो ध्यान रखें कि आपस में किसी तरह की खटास न हो। इंटरव्यू खत्म होने के बाद धन्यवाद जरूर कहें और निराश कतई न हों क्योंकि आपने बहुत कुछ प्राप्त किया होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:झिझकें नहीं