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कोसी को नीतीश सरकार का नये साल का तोहफा

नीतीश सरकार कोसी के लोगों को नए वर्ष का तोहफा देने जा रही है। अररिया के बाद सुपौल और मधेपुरा जिले में 20 मेगावाट पनबिजली घर के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। मार्च के पूर्व दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।

इस पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होगी। अगले तीन वर्षो में इन परियोजनाओं से बिजली का उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। नीतीश सरकार बनने के बाद अबतक आधे दर्जन पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि एक दर्जन परियोजनाओं का निर्माण अंतिम चरण में है।

बीएचपीसी से मिली जानकारी के अनुसार सुपौल के निर्मली में 8 मेगावाट और मधेपुरा के अरारघाट में 12 मेगावाट पनबिजली परियोजना के लिए बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन (बीएचपीसी) का प्रयास रंग लाना शुरू कर दिया है।

नाबार्ड दोनों परियोजनाओं के लिए सहयोग देने पर सहमत हो गया है। इसके पहले अररिया के बथनाहा में 8 मेगावाट की पनबिजली परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके लिए नाबार्ड पहले ही आर्थिक मदद का स्वीकृति दे चुका है। उधर सूबे की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना डागमारा का निर्माण कार्य भी फरवरी में शुरू होने की संभावना है। इसके लिए वित्तीय सहयोग की तैयारी अंतिम चरण में है।

बिहार सरकार ने 126 मेगावाट की इस परियोजना के लिए ऊर्जा मंत्रलय को प्रस्ताव भेज दिया है और मंत्रलय ने केन्द्रीय विद्युत प्राधिकार से राय मांगी है। इस परियोजना के लिए फ्रांस के साथ-साथ जापान ने विशेष दिलचस्पी दिखलाई है और वे मदद के लिए भी तैयार है। वर्ष 2012 तक इसका निर्माण भी पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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