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नीलाम नहीं होंगी गांधी की यादें

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निजी सामानों की नीलामी करनेवाले जेम्स ओटिस ने इन सामानों की नीलामी न करने का निर्णय लिया है। उनके सलाहकार प्रो लेसलर कर्ट्स ने एक नीजि टीवी चैनल से बताया कि ओटिस अपने वकीलों के जरिये नीलामी रुकवाने की कोशिश कर रहे हैं। इधर नीलामी रूकने की पुष्टि विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने भी की है।ड्ढr इससे पूर्व गांधी की घड़ी, चप्पल, चश्मा और बर्तनों की नीलामी रुकवाने के लिए खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सक्रिय हो गये हैं। पीएम ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महात्मा गांधी की विरासत वापस आनी चाहिए। उधर अमेरिकी भारतीय कारोबारी संत सिंह चटवाल सात अन्य सहयोगियों के साथ नीलामी में हिस्सा लेकर विरासत वापस लाने के लिए तैयार हैं। उधर केंद्रीय संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी ने बताया है कि बापू की विरासत वापस लाने के लिए हर कोशिश की जा रही है। नीलामी रोकने के प्रयास हम अंतिम क्षणों तक करेंगे। जरूरत पड़ी तो भारत खुद नीलामी में भाग लेगा।ड्ढr गुरुवार दोपहर एक मौका आया जब ओटिस ने कहा कि वह विरासत लौटाने के लिए तैयार है, बशर्ते भारत उसकी यह शर्त माने कि गरीबों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए बजटीय प्रावधान किये जायेंगे। लेकिन विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने यह शर्ते मानने से इनकार कर दिया। शर्मा ने कहा -‘गांधी जी खुद भी इन शर्तो को नहीं मानते। ओटिस की शर्ते भारत की संप्रभुता को चुनौती देने सरीखी हैं। (प्रेट्र) ं

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