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तेलंगाना में राजनीतिक उबाल, आमराय के पक्ष में सरकार

तेलंगाना में राजनीतिक उबाल, आमराय के पक्ष में सरकार

तेलंगाना मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने के फैसले को लेकर आंध्र प्रदेश में राजनीतिक उबाल और तेलंगाना समर्थक नेताओं के बढ़ते दबाव के बीच केन्द्र सरकार कथित रूप से राज्य पुनर्गठन आयोग के गठन पर विचार कर रही है।
कांग्रेस के 11 सांसदों ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में मुलाकात की और तेलंगाना मुद्दे पर सरकार के बयान से नए राज्य के गठन की प्रक्रिया में अनिश्चितकालीन विलम्ब होने के भय के बीच पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को त्यागपत्र भेज दिया।

आंध्र भवन में मुलाकात करने वाले सांसदों ने बाद में कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से बात की। उनमें से एक सांसद मधु यशकी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पटेल ने उन्हें तेलंगाना राज्य के सजन के लिए कदम उठाने के गत नौ दिसम्बर के फैसले पर अडिग रहने का आश्वासन दिया।

पटेल ने माना कि केन्द्र के कल के बयान से कुछ संदेह उत्पन्न हुए हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री पी़ चिदम्बरम के बुधवार की रात तेलंगाना के मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत पर जोर देने के बयान पर आंध्र प्रदेश में 70 से ज्यादा कांग्रेस विधायकों ने विरोधी रुख अख्तियार कर लिया है साथ ही तेलुगूदेशम पार्टी के दो सांसदों तथा एक राज्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है।

इस बीच, मामले की सियासी नजाकत को देखते हुए केन्द्र सरकार तेलंगाना के गठन तथा कई अन्य राज्यों के बंटवारे की मांग पर विचार के लिए द्वितीय राज्य पुनर्गठन आयोग बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है।
बहरहाल, तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख क़े चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में तेलंगाना ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कि ऐसा कोई प्रस्ताव कतई स्वीकार्य नहीं है और हम इसे अपमान मानते हैं।

तेलंगाना राज्य के गठन के अपने रुख को तर्कसंगत बनाने की कोशिश करते हुए सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर आमराय की जरूरत है और इस मामले में एकतरफा फैसला नहीं लिया जा सकता। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने विश्वास व्यक्त किया कि कुछ समय बाद लोग इसे स्वीकार करेंगे।

तेलंगाना के गठन के मुददे पर आगे कदम नहीं उठाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कोई भी महत्वपूर्ण फैसला सभी लोगों से सलाह-मशविरे के बाद उनकी सहमति से लिया जाता है।

सरकार पिछले कुछ दिनों से यही महसूस कर रही है कि किसी एकतरफा फैसले को अचानक लागू करना सम्भव नहीं है।

आंध्र प्रदेश के हालात का जिक्र करते हुए सोनी ने कहा कि केन्द्र सरकार आमराय बनाने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहती है। गृहमंत्री पी़ चिदम्बरम ने कल रात कहा था कि तेलंगाना के गठन पर फैसला लिए जाने के बाद आंध्र प्रदेश के हालात बदल गए हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि तेलंगाना के मुददे पर चिदम्बरम के बयान पर सांसदों की ओर से किसी तरह की अनपेक्षित कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं थी। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा इस मुददे के लिये सिर्फ व्यापक सलाह-मशविरे की ही बात कही गई है।

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  • Web Title:तेलंगाना में राजनीतिक उबाल, आमराय के पक्ष में केंद्र सरकार