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आठवें दिन अनशनकारी की हालत खराब, नहीं पहुंचे डॉक्टर

ऐतिहासिक पक्का तालाब के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता की हालत खराब होने लगी है। शहरी विधायक भी आठंवें दिन अनशनकारी का हालचाल पूछने पहुंचे।

विधायक के कहने के बाद भी जिला अस्पताल से डाक्टरों की टीम आज तक नहीं पहुंची। इस पर विधायक भड़क उठे। उन्होनें तुरंत जिलाधिकारी से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट तक से बात की तथा जिला अस्पताल के डाक्टरों को फटकार भी लगाई। निगम की लगातार अनदेखी से स्थानीय लोंगों में जबरदस्त आक्रोश है।

शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक पक्का तालाब के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर संघर्ष समिति के कार्यकर्ता राजीव चौहान लगातार आठ दिन से आमरन अनशन पर हैं। अचरज की बात यह कि आठ दिन में अनशन पर बैठे कार्यकर्ता की हालचाल पूछने कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व निगम अधिकारी नही पहुंचा।

आज ही अपर नगरायुक्त एचएस सहारिया अपनी टीम के साथ अनशन स्थल जाकर चौहान का हालचाल पूछा तथा अनशन छोड़कर बैठकर बात करने के लिए संघर्ष समिति को दफ्तर आने को कहा। सहारिया ने बताया कि ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर टेंडर छोड़ा गया था लेकिन कोई भरा नहीं, अब दोबारा से टेंडर निकाला जाएगा। लेकिन संघर्ष समिति के लोग उनके आश्वासन को ठ़ुकरा दिया।

शहर विधायक सुनील शर्मा के साथ पार्षद विजय मोहन व सह क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी सचिन सोनी भी थे।विधायक ने कहा कि वे इस संबंध में निगम आयुक्त से बात करेंगे। पार्षद ने कहा कि इस ऐतिहासिक तालाब केजीर्णोद्धार को लेकर तीन-चार बार कार्ययोजनाएं बनीं लेकिन सभी नाकाम साबित हुई। निगम की अनदेखी सेस्थानीय लोग भी क्षुब्ध हैं।
 

 

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