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फिर से हिंदू बनने की इच्छुक मुस्लिम धर्मांतरित महिला

फिर से हिंदू बनने की इच्छुक मुस्लिम धर्मांतरित महिला

बचपन में हिंदू से मुस्लिम बनाई एक पारंपरिक हिंदू महिला स्वयं के धर्मांतरण को शून्य करार देने संबंधी मुकदमा लड़ रही है।

न्यू स्ट्रेटस टाइम्स ने कहा है कि 27 वर्षीय गृहिणी सिती हसना वांगरामा अब्दुल्ला को हाई कोर्ट से अपना मुस्लिम धर्म त्यागने का फैसला मिल गया है। महिला का मूल नाम एस बंगारम्मा है।

महिला ने प्रथम प्रतिवादी के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन मलेशिया (परकिम) के तत्कालीन अध्यक्ष महातिर मोहम्मद का नाम लिया है। सिती को पांच वर्ष की उम्र में उसके तीन भाई-बहनों के साथ सामाजिक न्याय विभाग ने एक अनाथालय को सौंप दिया था। इसके बाद सिती को स्थानीय इस्लामिक कार्यालय ने इस्लाम धर्म ग्रहण करवा दिया।

अपने हलफनामे में सिती ने कहा कि धर्मांतरण के दौरान बोले गए शब्दों का उसे मतलब भी नहीं मालूम था।
उसने कहा कि उस समय उसके पास कर्मचारियों के निर्देश मानने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं था। सिती की एक पारंपरिक हिंदू एस सोकालिंगम से शादी हुई है।

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