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वॉल्व लीकेज से बढ़ा खतरा

मनेरी भाली द्वितीय चरण के फ्लशिंग कड्यूट गैलरी को जोड़ने वाले दो और चैम्बर के वाल्व लीकेज होने से निगम के अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं वाल्वों से पानी का रिसाव जारी रहने से खतरा बना हुआ है।

मनेरी भाली द्वितीय चरण का जोशियाड़ा बैराज निर्माण के दौरान गुणवत्ता में की गई अनदेखी धीरे-धीरे सामने आने लगी है। एक वर्ष पूर्व सेंडीमेंटेशन चैम्बर में रेत का टीला बनने के बाद डेढ़ माह से अधिक उत्पादन ठप रहा। इस दौरान निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

अब वॉल्वों से लीकेज होने से पानी प्लशिंग कड्यूट गैलरी में भर रहा है। कड्यूट में पानी के प्रेशर से तीन माह पूर्व लोहे का वैल्ड किया गया चैम्बर उखड़ गया। इस दौरान पानी के रिसाव से विद्युत उत्पादन का नुकसान उठाना पड़ा था। बुधवार की सुबह दो और फ्लशिंग कड्यूट गैलरी को जोड़ने वाले चैम्बर उखड़ने व लीकेज होने से निगम में हड़कंच मचा रहा।

निगम के कर्मचारियों ने चैम्बर के ऊपर रेत भरे कट्टे व लोहे के भारी वस्तुएं रख कर पानी के प्रेशर को काबू किया। बावजूद इसके चैम्बर से पानी का रिसाव जारी रहने से विद्युत उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ रहा है। निगम के एमडी आरपी थपलियाल ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं दी गई है। जानकारी लेने के बाद ही उचित कार्यवाही की बात कही गयी।

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