class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दवाओं के नमूनों की जाँच में आठ फीसदी नकली मिले

उत्तर प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सवालिया निशान के घेरे में है। जनवरी से अब तक लिए गए सैम्पलों की जाँच में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को आठ फीसदी से अधिक नमूने नकली या घटिया मिले हैं।

विभाग के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने खासतौर पर नए औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह इस बेइमानी को खत्म करें, जो आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

नए ड्रग इंस्पेक्टरों के आठ दिन के ट्रेनिंग कार्यक्रम की समाप्ति पर श्री मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने खासतौर पर इस विभाग का गठन इसलिए किया है ताकि दवाओं और खाने-पीने के सामानों में की जाने वाली मिलावट का धंधा बंद किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस काम में ड्रग इंस्पेक्टरों को किसी तरह के दबाव में आने की जरूरत नहीं है और पूरी सख्ती से कार्रवाई करने की छूट है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के बाद ड्रग इंस्पेक्टरों को पंद्रह दिन का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दवाओं के नमूनों की जाँच में आठ फीसदी नकली मिले