किताब पढ़ने के मामले में झूठ बालते हैं अंग्रेज - किताब पढ़ने के मामले में झूठ बालते हैं अंग्रेज DA Image

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किताब पढ़ने के मामले में झूठ बालते हैं अंग्रेज

ीसदी लोगों ने किताबें पढ़ने के मामले में झूठ बोला। 42 प्रतिशत लोगों ने ‘1’ पढ़ने का झूठा दावा किया। इस सूची में दूसरे नंबर पर टालस्टाय की ‘वार एंड पीस’ और तीसरे पर जेम्स जोयस की ‘यूलीसेस’ थी। बाइबल चौथे नंबर पर रही। इंग्लैंड में महशूर किताब पढ़ने का दावा करने वाले तीन में से दो ब्रिटिश झूठे होते हैं। आपको विश्वास भले नहीं हो, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। सर्वेक्षण में यह भी खुलासा हुआ है कि जार्ज आेरवेल की किताब ‘1’ को लोगों ने सबसे यादा पढ़ने का दावा किया। विश्व पुस्तक दिवस के आयोजकों के अध्ययन के अनुसार हालांकि बहुत से लोग जेके राउलिंग की पुस्तक हैरी पाटर को पढ़ने में रुचि लेते हैं। सर्वेक्षण के अनुसार करीब 65 फीसदी लोगों ने यह झूठ बोला कि उन्होंने किताबें पढ़ी हैं। इनमें से 42 प्रतिशत लोगों ने ‘1’ पुस्तक पढने का दावा किया। इस सूची में अगली किताब लियो टालस्टाय की ‘वार एंड पीस’ थी और तीसरे नंबर पर जेम्स जोयस की ‘यूलीसेस’ थी। बाइबल चौथे नंबर पर रही। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक आेबामा की आत्मकथा ‘ड्रीम्स फ्रॉम माई फादर’ इस सूची में नौंवे स्थान पर थी। जब दस पुस्तकों की सूची पर पाठकों से यह चिन्हित करने को कहा गया है कि वे इनमें से कौन सी किताबें पढ़ी हैं तो उनमे से कई लोगों ने ये गलत सूचना दी कि दरअसल उन्होंने यह किताबें नहीं बल्कि जेन आस्टिन, चार्ल्स डिकेन्स और ब्रन्टर्स सिस्टर्स की किताबें पढ़ी हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस संबंध में झूठ क्यों बोला तो उनका जबाव था कि उन्होंने दूसरे को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया।

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