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जनपद में गन्ने का रेट 225 तक पहुंचा

गन्ना संकट को लेकर चीनी मिलों में छिड़ी प्राइसवार के बाद जनपद में गन्ने का मूल्य 220-225 पर पहुंच गया है। दरअसल, किसानों ने गन्नों की अवैध खरीद पर अंकुश लगाने को विभागीय टीम के साथ छापेमारी की तो चीनी मिलों में गन्नों की कमी पड़ गई।

किसानों की मांग थी की, जो रेट गन्ना माफियाओं को दिया जा रहा है। वह सीधे किसान को दे दिया जाए। उत्तम चीनी मिल ने किसानों की बातों को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही ऐलान कर दिया है कि, दूसरे चीनी मिलों ने उनका रेट 5 रुपये अतिरिक्त  रहेगा।

गन्ना संकट को लेकर जनपद की सभी निजी और सरकारी एवं निगम की चीनी मिले एक दूसरे के सामने प्राइसवार में डट गई हैं। बीते कल निगम की बीडवी चीनी मिल ने गन्नों का रेट 210 से 215 कर दिया तो गुरुवार को सुबह ही शेरमऊ चीनी मिल ने गन्ने का रेट बढ़ाकर 220 से 225 तक पहुंचा दिया है। इससे शेरमऊ प्रदेश में सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य देने वाली पहली चीनी मिल बन गई है।

साथ ही उक्त चीनी मिल ने ऐलान कर दिया कि, उनका रेट जनपद की चीनी मिलों से पांच रुपये अतिरिक्त होगा। यदि कोई भी चीनी मिल अपना रेट बढ़ाती है तो किसान शेरमऊ से उसके अतरिक्त 5 रुपये ज्यादा ले जाए। गुरुवार को किसान महासभा के प्रदेशध्यक्ष चौधरी राजपाल सिंह के साथ काफी संख्या में पहुंचे किसानों ने गन्ना माफियाओं के द्वारा गन्ने की अवैध खरीद पर रोक लगाई तो चीनी मिलों में गन्ने का संकट पनप गया। मजबूरन चीनी मिलों को 10 रुपये बढ़ाने पड़े।

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