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अब होंगा लड़कियों का भी जनेउ संस्करण

अब लड़कियों का भी जनेउ संस्कार होगा और वह भी अब धार्मिक कर्मकांड और शादी विवाह संपन्न करा सकेंगीं।
लड़कियों का जनेउ संस्कार करवाने की योजना बनायी है कानपुर के स्वरूपनगर स्थित लड़कियों के स्कूल कानपुर विदया मंदिर महाविदयालय की प्राचार्या ने।

कानपुर महिला महाविदयालय की प्राचार्या (प्रिसिंपल) डा आशा रानी राय ने बुधवार को बताया कि उनके कॉलेज में बीए के तीन साल के कोर्स में व्यावसायिक संस्कृत का पाठ्यक्रम भी पढ़ाया जाता है। इसमें इस समय तीनों सालों में करीब 100 लड़कियां संस्कृत वेदों और पुराणों की शिक्षा प्राप्त कर रही है।

वह कहती हैं कि जब आज कल लड़कियां समाज के हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं वह डाक्टर, इंजीनियर से लेकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री तक बन रही हैं तो फिर लड़कियां धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराने वाली पुरोहित क्यों नही बन सकती हैं। इसीलिये कालेज प्रशासन ने इस बार कम से कम 11 लड़कियों का जनेउ संस्कार कराने का फैसला लिया है।
    
राय ने  बताया कि अगले वर्ष 2010 में उनके कॉलेज का रजत जयंती समारोह (सिल्वर जुबिली कार्यक्रम) होगा इस कार्यक्रम के दौरान ही इन 11 लड़कियों का जनेउ संस्कार विधिवत रूप से कराये जाने की योजना है। अगर रजत जयंती समारोह तक और अधिक लड़कियां जनेउ संस्कार के लिये आगे आ गयीं तो यह संख्या बढ़ भी सकती है।

राय के अनुसार जनेउ संस्कार कराने के बाद लड़कियों को हर समय जनेउ धारण करना होगा तथा शाकाहारी और सात्विक जीवन व्यतीत करना होगा तथा धार्मिक रीति रिवाजों का पालन करते हुये अपनी शैक्षिक गतिविधियों और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना होगा।
    

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