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सौर उर्जा से दूर की बिजली की किल्लत

कांग्रेस के युवा सांसद राहुल गांधी के अथक प्रयासों से अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र के गांवों में चलाये गये सौर उर्जा कार्यक्रम ने रंग दिखाना शुए कर दिया है। इस क्षेत्र में छह गांवों में बिजली की किल्लत बिल्कुल समाप्त सी हो गई है। यहां न केवल बिजली की किल्लत दूर हुई बल्कि लोगों के रहन सहन मे भी काफी बदलाव आया है।
     
अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्रो मे बिजली की किल्लत को ध्यान मे रखते हुए वर्ष 2005 मे सौर उर्जा परियोजना की शुएआत की गयी थी ताकि कुछ गांवो को सौर उर्जा के जरिये बिजली मुहैया करायी जा सके। कांग्रेस के युवा सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार रात अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्रों मे सौर उर्जा से उजीकत गांव का दौरा कर इस बाबत किये प्रयासो पर संतोष जताया।

राहुल गांधी दो दिवैसीय दौरे पर मंगलवार को पहुंचने के बाद बीती रात अपनी मां सोनिया गांधी के रायबरेली संसदीय क्षेत्र के कल्यान सुरजई गांव पहुंचे और दस बारह घरो के लोगों से मिलकर उनका हाल चाल लिया और सौर उर्जा से आच्छादित इन गांवों में लोगों के जीवन मे आये बदलाव के बारे जानकारी ली। वे अपनी मां सोनिया गांधी के प्रयासो से लोगो को आत्मनिर्भर बनाये जाने की दिशा मे उठाये गये कदमों के बेहतर परिणामों से संतुष्ट नजर आये।

उल्लेखनीय है कि गांव के सौर उर्जा से उर्जीकरण का प्रयास सन् 2005 मे आंध्रप्रदेश की एक कम्पनी के सहयोग से शुरू किया गया था जिसमे 25 स्वयं सहायता समूहो को भी शामिल किया गया था। आंध्र प्रदेश की इस कम्पनी ने सौर उर्जा से चलने वाले बल्व की तकनीक उपलब्ध करायी है साथ ही साथ उसकी मार्केटिग भी करती है।

 

 

 

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