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18 अरब का अनुपूरक बजट पेश

मौजूदा वित्तीय वर्ष के तीन महीने के लिए सरकार को 1815 करोड़ रुपये की और जरूरत है। इसके लिए मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश किया गया। एक हजार करोड़ से अधिक की राशि नॉन-प्लान (वेतन, पेंशन आदि) के लिए रखी गई है। विकास योजनाओं के लिए करीब 800 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई है।

भोजनावकाश के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अनुपूरक बजट पेश किया। 1815.68 करोड़ के इस बजट में नॉन-प्लान में 1009.30 करोड़ और प्लान में 806.38 करोड़ की राशि रखी गई है। अनुपूरक बजट के लिए सरकार ने दो बड़े कारण बताए-पहला, वार्षिक बजट में अनुमानित व्यय की तुलना में खर्च बढ़ गया है और दूसरा, प्लान की कुछ राशि को दूसरी मदों में स्थानांतरित किया जाना है।

सरकार ने सदन को बताया कि इस साल नवंबर तक कर राजस्व में पौने पंद्रह प्रतिशत की दर से बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार को राष्ट्रीय अल्पबचत निधि से भी राहत मिली है। इस मद में अनुमान के मुकाबले 450 करोड़ अधिक प्राप्त होने की उम्मीद है।

सरकार ने तर्क दिया कि वेतन-पेंशन की मद में जो राशि अनुमानित की गई थी, वास्तविक खर्च उसके मुकाबले थोड़ा कम है। अलबत्ता, नॉन टैक्स रेवेन्यू में पिछले अनुमान के मुकाबले 950 करोड़ की कमी की आशंका है। सरकार ने इसके लिए यूपी से पेंशन मद का पैसा न मिलने और ऊर्जा सेक्टर से कम रेवेन्यू को जिम्मेदार ठहराया।

अनुपूरक बजट में ऊर्जा के लिए 572 करोड़, आवास-शहरी विकास-जलापूर्ति के लिए 258 करोड़, शिक्षा एवं युवा कल्याण की मद में 255, सिंचाई एवं बाढ़ के लिए 69, लोनिवि के लिए 223 और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए 60 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है।

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