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नकली क्राईम ब्रांच अधिकारी गिरफ्त में

नगर व राज्य के अन्य भागों से क्राईम ब्रांच का अधिकारी बनकर करीब 48 लाख 50 हजार रुपए ठगने वाला बहरूपिया आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। इस शख्स ने 28 व्यक्तियों को बेवकूफ बनाया था। लोगों को ठगी का अहसास तब हुआ जब ठग रफूचक्कर हो चुका था। पुलिस ने इसको महेन्द्रगढ़ जिले के पाईगा गांव से पकड़ा है। आरोपी जलालपुर जिला पानीपत का बतलाया जा रहा है।

उचाना में एक किराए के मकान में करीब तीन महीने तक रहने वाले इस शख्स के खिलाफ गत 1 अक्टूबर को उचाना पुलिस चौंकी में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में पता चला है कि इस व्यक्ति का नाम मोमन राम उर्फ मांगेराम है। इस शख्स ने अपनी पहचान क्राईम ब्रांच के एक अधिकारी में बताई तथा बड़ी ही सूझबूझ से एक ऐसा जाल बुना कि लोग इसमें फसते चले गए।

इस व्यक्ति के खिलाफ अलिपुरा निवासी रामनारायण पुत्र गुगन राम से 2 लाख रुपए नकद तथा उसकी फोटो व राशन कार्ड, गांव सफा खेड़ी के रामकुमार से 50 हजार, निवासी उचाना मण्डी के राजा से 50 हजार, कृष्ण से 10 हजाररुपए, साधुराम से 10 हजार, सुरेश से 10 हजार रुपए, विनोद निवासी पालवां से 25 हजार रुपए, कसूहन के संजू 10 हजार के साथ और 28 व्यक्तियों जिनमें हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली क्षेत्र से भी लोग शामिल हैं।

एएसपी समरदीप सिंह की अगुवाई में उसे महेन्द्रगढ़ के पाईगा गांव से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस व्यक्ति पर पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं तथा यह करनाल पुलिस का भगौड़ा भी है। इस व्यक्ति की ठगी का शिकार बने लोग स्पेयर पार्टस, करियाना, ज्वैलर्स, रेडिमेड, ड्राईविंग आदि धंधों से जुड़े लोग बने हैं।

एक पैट्रोल पंप पर खड़ा लोगों से किराए के मकान हेतु बातचीत कर इसने लोगों को अपनी और आकर्षित कर अपनी योजना को शुरू किया। क्राइम ब्रांच के अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बताने पर लोगों को इस पर विश्वास हो गया तथा वार्ड 5 निवासी सतपाल पुत्र साधुराम लुहार के घर पर यह किराए पर रहने लगा। इसके साथ इसका परिवार भी था, जिसमें कथित रूप से एक लड़का, लड़की व इसकी धर्मपत्नि शामिल थे।

इसने कस्बे के एक प्राईवेट स्कूल में अपने लड़के सूरज का चौथी कक्षा में तथा मोनिका नामक लड़की का सातवीं कक्षा में दाखिला भी करवाया था, जिस कारण आसपास के लोगों का इसमें विश्वास भी बन गया। इसके अलावा लोगों पर अपना विश्वास जमाने के लिए इस शख्स ने नजदीक के पालवां गांव के मंदिर में सूरज कौशिक पुत्र मोमन राम गांव जलालपुरा, पानीपत के नाम से 2100 रुपए का चंदा भी दिया तथा अगले दिन इसने मंदिर में दोबारा जाकर यमुनानगर को इस पते के पीछे कोष्ठक में लिखवाया, यह बात लोगों के लिए अचंभे वाली जरूर थी तथा इस प्रकार पते के स्थान पर पानीपत (यमुनानगर) लिखवाना समझ से परे था, मगर किसी ने उस समय इस बारे में कुछ नहीं पूछा।

ठगी करने वाले शख्स के रहन-सहन तथा पर्सनल्टी को देखकर लोग इसके चक्कर में आ गए। कुछेक लोगों को गैस एजेंसी तथा किसी को शराब का ठेका तो किसी को सस्ते दामों पर प्लाट दिलाने के नाम तथा किसी घर में जाकर सम्पन्न परिवार में रिश्ता करवाने की बात कहकर इसने लाखों रुपए पर हाथ साफ कर लिया और 29 सितंबर की रात को सपरिवार फरार हो गया। इतना ही नहीं इस चालाक आदमी ने जाते-जाते अपने बच्चों का स्कूल से नाम भी कटवा लिया और स्कूल छोड़ने क प्रमाण पत्र भी ले गया।

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  • Web Title:नकली क्राईम ब्रांच अधिकारी गिरफ्त में