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निजी बीएड कॉलेजों में अनियमितता की याचिका पर नोटिस

पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगिल व न्यायधीश अजय कुमार मित्तल के बैंच ने निजी बीएड कॉलेजों में अनियमितता से संबंधित एक जनहित याचिका पर हरियाणा सरकार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महाऋषि दयानंद विश्वविद्यालयों, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन और प्राइवेट बीएड कालेजों की एसोसिएशनों को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने इन सभी को 17 फरवरी, 2010 तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। 200 पृष्ठों से भी अधिक की इस याचिका में आग्रह किया गया है कि बीएड कॉलेजों में व्याप्त अनियमितताओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए।

याचिका में हरियाणा के सभी बीएड कॉलेजों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश देने और अनियमितताओं के लिए दोषी कॉलेजों की मान्यता तुरंत रद्द किए जाने की अपील भी की गई है।

यह याचिका प्रशिक्षित अध्यापक संघ ने महासचिव दिलीप बिश्नोई के माध्यम से दायर की है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक उक्त निजी कॉलेजों में अध्यापकों की नियुक्तियों में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ाहुआ है। एक ही अध्यापक को दो-तीन जगह नियुक्त दिखाने व बायोडाटा के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

याचियों ने अध्यापकों को शोषण से बचाने के लिए वेतन चेक से देने और पेंशन सेवा लाभ प्रदान करवाने का आग्रह भी किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य में 400 से अधिक बीएड कॉलेजों ने फीस कमेटी को अपनी पिछले दो-तीन वर्षों की आय व व्यय का ब्योरा नहीं दिया, जबकि ये कॉलेज बड़ामुनाफा कमा रहे हैं।

इसके अलावा ये कॉलेज स्थायी मान्यता न लेकर अस्थायी मान्यता के सहारे ही शिक्षा का कारोबार कर रहे हैं। कॉलेजों में फर्जी हाजिरी दिखाकर कोर्स करवाने का आरोप भी लगाया गया है।

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  • Web Title:निजी बीएड कॉलेजों में अनियमितता की याचिका पर नोटिस