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पुष्पक और मालगाड़ी आमने-सामने आईं

मंगलवार तड़के बढ़ा रेल हादसा होते-होते बचा। दिल्ली जा रही मालगाड़ी सिग्नल तोड़ झाँसी ट्रैक में घुस गई। ट्रैक पर ओएचई लाइन नहीं होने से मालगाड़ी का इलेक्ट्रिक इंजन 100 मीटर चलने के बाद रुक गया। तभी सामने से पुष्पक एक्सप्रेस आ गई।

सामने मालगाड़ी देख पुष्पक के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते-रुकते उसका मालगाड़ी से फासला महज 150 मीटर का रह गया था। पुष्पक के ड्राइवर से चुस्ती न दिखाई होती तो सैकड़ों यात्रियों की जान पर बन आती।

एक ही ट्रैक पर आमने-सामने ट्रेनों के आ जाने की सूचना रेल अफसरों तक पहुँची तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन मे मौके पर पहुँचे अधिकारियों ने मालगाड़ी को बैक कराकर ट्रैक क्लीयर कराया। इस दौरान दिल्ली-हावड़ा ट्रैक करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। डीआरएम ने मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। प्रथम दृष्टया मालगाड़ी के चालक को दोषी पाया गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह 6:28 बजे जूही यार्ड की ओर से मालगाड़ी दिल्ली की ओर जा रही थी। गोविन्दपुरी पुल से आगे झाँसी और दिल्ली-हावड़ा ट्रैक को मिलाने वाले प्वाइंट नंबर 61 पर पहुँची मालगाड़ी का ड्राइवर रेड सिग्नल को तोड़ झाँसी ट्रैक पर पहुँच गया।  तब झाँसी की ओर से पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी।

पुष्पक प्वाइंट से लगभग 300 मीटर दूर थी। अफसरों की मानें तो उस वक्त पुष्पक को दिल्ली-हावड़ा रूट पर लेने के लिए मालगाड़ी का सिग्नल रेड था। इसके बाद भी मालगाड़ी का ड्राइवर रामजी स्वर्णकार सिग्नल को ओवरशूट कर झाँसी ट्रैक पर घुस गया।

झाँसी ट्रैक पर ओएचई लाइन नहीं होने से मालगाड़ी का इलेक्ट्रिक इंजन 100 मीटर चल कर रुक गया। उधर, झाँसी से आ रही पुष्पक एक्सप्रेस के ड्राइवर आरके कोरी ने सामने मालगाड़ी देखी तो इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन के रुकते-रुकते पुष्पक की मालगाड़ी से दूरी महज 150 मीटर तक ही रह गई थी। 

घटना की जानकारी होते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुँचे गए। उन्होंने मालगाड़ी को बैक कराकर पुष्पक को दिल्ली-हावड़ा रूट पर लेने के लिए झाँसी ट्रैक क्लीयर कराया। इस दौरान दिल्ली-हावड़ा रूट की एक और दो नंबर ट्रैक करीब तीन घंटे तक बाधित रहा।

दोनों ट्रैक बाधित होने से दिल्ली आने और जाने वाली ट्रेनों को तीसरी और चौथी लाइन से गुजारा गया। यहाँ पर लालकिला, तूफान, पुष्पक समेत सभी राजधानियाँ फँस रहीं। उधर, डीआरएम एसके अग्रवाल ने मामले की जाँच शुरु करा दी है। जाँच में प्रथम दृष्टया मालगाड़ी का चालक आर के कोरी दोषी पाया गया है।

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