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जकात के फण्ड से मिले पीड़िता को मदद

ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी में एकमात्र महिला सदस्य बेगम नसीम इक्तेदार अली का कहना है कि मुस्लिमों में पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे हैं और शरई ऐतबार से यह मामले दारूलकजा में ही निपटाए जाने चाहिए मगर दारूलकजा इतनी तादाद में हैं नहीं।

बोर्ड नेतृत्व मुल्क में दारूलकजा के निजाम और दुरूस्त बनाए। पारिवारिक विवादों में पीड़ित महिला को पर्सनल लॉ के मुताबिक तो वक्फ बोर्ड से मदद मिलनी चाहिए मगर वक्फ बोर्ड खुद ही दीवालिया हैं। इस नाते ज़रूरी हो गया है कि अब ज़कात के जरिये एक फण्ड कायम किया जाए।

दारूलकजा में पुरूष काजी के साथ एक महिला काजी भी होनी चाहिए और पर्सनल लॉ बोर्ड को इसके लिए महिला काजियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी करनी चाहिए।

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