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पूर्व डीजीपी राठौर को मिली सजा की मुखर आलोचना

पूर्व डीजीपी राठौर को मिली सजा की मुखर आलोचना

एक किशोरी के साथ छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराए गए हरियाणा के पूर्व डीजीपी एस़पी़एस़ राठौर को छह महीने की कैद की सजा की आलोचना करते हुए मंगलवार को राजनीतिक दलों, लड़की के दोस्तों और राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि यह बहुत कम है और बहुत देरी से आया फैसला है।

एचिका नामक टेनिस खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ के मामले में फैसले में देरी को लेकर चिंता जताते हुए माकपा की राज्यसभा सदस्य वंदा करात ने कहा कि लड़की के साथ यह सब हुआ और राठौर को पदोन्नति नवाजी गई। एचिका ने न्याय में देरी से और अधिकारियों द्वारा अपने परिवार को कथित तौर पर प्रताडि़त किए जाने से हताश होकर 1993 में आत्महत्या कर ली थी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि संदेह के घेरे में आने के बाद राठौर को पदोन्नत नहीं किया जाना चाहिए था। करात ने राज्यसभा में कहा कि हमारी कानूनी प्रणाली में खामियां हैं। दोषियों को पदोन्नति देकर ईनाम दिया जाता है जबकि रुचिका के भाई को पीटा गया और उसे गलत मामलों में फंसाया गया। इसे रुचिका की मित्र आराधना और उसके अभिभावकों का साहस कहा जाना चाहिए जिन्होंने मामले को आगे बढ़ाया और दबाव के आगे नहीं झुके। अंबिका सोनी ने कहा कि जो जनता के हिफाजत करने वाले हैं, जब वे खुद ही संदेह के घेरे में आते हैं तो उनकी पदोन्नति नहीं होनी चाहिए।

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